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Wednesday, April 6, 2011

भ्रष्टाचार का विरोध न करना एक प्रकार से उसको समर्थन देना ही है

भ्रष्टाचार का विरोध न करना एक प्रकार से उसको समर्थन देना ही है

देश भ्रष्टाचार में तबाह हो रहा है  देश को भ्रष्टाचार से बचाने के लिए नया गांधी अण्णा हजारे देश की संसद की चैखट राष्ट्रीय धरना स्थल पर 5 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठे है। और भारतवासी मूक अपने घरों में ही दुबके बैठे हैं। अन्याय के खिलाफ इस जंग में जो मूक रहेगा वह भ्रष्टाचारी से बदतर देशद्रोही ही कहलाया जायेगा। भ्रष्टाचार का विरोध न करना एक प्रकार से उसको समर्थन देना ही है। आओ देश व भारत की संस्कृति की रक्षा के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ इस जंग में इसी पल से समर्पित हो कर देश के वर्तमान व भविष्य की रक्षा करने के अपने दायित्व का निर्वहन करें। 
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