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Showing posts from 2012
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आइसा से प्रेरणा लें नेताओं की चाटुकारिता छोड़ जनहितों के लिए संघर्ष करें कांग्रेस व भाजपा के छात्र संगठन
दामिनी को श्रद्धांजलि देने के लिए आइसा व अस्मिता ग्रुप का जेएनयू के समीप पार्क में भारी जनजागरण 

दिल्ली में भले ही आज हाड  को कंपकपाने वाली ठण्ड है। देश के हुकमरान जहां नव वर्ष का जश्न मनाने में जुटे होंगे। वहीं जंतर मंतर पर भी आधी रात को लोग दामिनी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जुटे रहे। वहीं भाकपा माले की छात्र संगठन आइसा के छात्र व अरविन्द गौड़ की नाट्य मण्डली से जुडे कलाकार जेएनयू के सामने मुनिरिका की तरफ को पढ़ने वाले पार्क में रात के 12 बजे विशाल नाट्य जनजागरण का आयोजन कर रहे है। वे दामिनी के हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग के साथ समाज से नारी के सम्मान करने का आवाहन कर रहे थे।  इसमें हजारों की संख्या में लोग जुटे हुए है। मुनिरिका के समीप रामकृष्ण पुरम में रहने वाले समाजसेवी आजाद खान ने अभी फेस बुक पर चैट करते हुए मुझे बताया कि वहां पर मध्य रात्रि तक पहले आइसा छात्र संगठन का हमे आजादी चाहिए नाटक का मंचन हुआ तथा उसके बाद यहां पर अरविन्द गौड के नाट्य  मंच ‘अस्मिता’ के कलाक…
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दामिनी प्रकरण पर पूरे विश्व के समक्ष खुद नपुंसक बन गयी मनमोहन सरकार 
बलात्कारियों को मृत्यु देने के लिए क्यों नपुंसक बन रही है मनमोहन सरकार 

जिस प्रकार से खबरों में जो सुनने में आ रहा है कि कांग्रेस गठबंधन वाली सप्रंग सरकार बलात्कारियों को मृत्यु दण्ड देने की जनता की प्रबंल मांग को मांगने के बजाय उनको नपुंसक बनाने का विकल्प ढूढ रही है। वहीं दामिनी प्रकरण से उपजे देशव्यापी भारी जनाक्रोश से मनमोहन सरकार की पूरे विश्व में मनमोहन सरकार की इस नपुंसकता के कारण भारत की छवि को गहरा धक्का लगा है। जिस प्रकार से दामिनी की मौत पर जहां पूरा भारत आंसू बहा रहा है वहीं भारतीय जनाक्रोश से भले ही सत्तांध मनमोहनी सरकार की कुम्भकर्णी खुमार को न तोड़ पायी हो परन्तु इसकी गूंज संयुक्त राष्ट्र संघ सहित पूरे विश्व में गूंज गयी है। पूरा विश्व मनमोहन सरकार की जनभावनाओं के अनुकुल काम न करने की सत्तांध नपुंसकता से हैरान है। भारत की आम जनता ही नहीं पूरा विश्व अचम्भित है कि भारत में क्यों सरकारें आजादी के 65 साल बाद भी गुलामी के दिनों में बने कानूनों में बदलाव करने को तैयार नहीं है। क्यों जनता के इतने आक्रोश के बाबज…
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देश डूबा दामिनी के शोक में पर चैन्नई में देश के दुश्मन पाक से क्रिकेट मैच का तमाशा क्यों?
बहुत दुख की बात है कि जब पूरा देश दामिनी की मौत पर शोक मना रहा है। वहीं भारत के दिशाहीन सरकार देश के स्वाभिमान व अखण्डता को दशकों से रौंदने वाले पाकिस्तान से चैन्नई में मैच खेल रहा है। सरकार व क्रिकेट के रहनुमाओं को जरा शर्म करो। देश के जज्बातों से खिलवाड बंद करो। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि जब पूरा देश विलख रहा है तो देश के हुकमरानों व इस पाक से खेले जा रहे इस राष्ट्रघाति क्रिकेट मैच को खेलने का क्या औचित्य है। सरकार में अगर जरा सी भी शर्म होती या देश के प्रति जरा सा भी सम्मान व प्रेम होता तो वह पाक से तब तक मैच नहीं खेलती जब तक वह अपने भारत को तबाह करने वाले नापाक इरादों को बंद नहीं कर देता। वेसे भी आज जब पूरा देश दामिनी के शोक में डूबा हुआ है। उसका अंतिम संस्कार 30 दिसम्बर की प्रातः हुआ। इस दिन जश्न का प्रतीक क्रिकेट मैच का आयोजन क्यों? जितने लोग अगर इस मैच देखने जाते है या घरों में देखते हैं उतने अगर जनहित व राष्ट्रहित में लगे रहते या सरकार के गलत कामों के खिलाफ सडकों पर उतरते तो भारत कबका व…
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मुख्यमंत्री शीला के कारण आज जलियावाला बाग बन जाता जंतर मंतर 
पुलिसिया दहशत को धत्ता बताते हुए दामनी को श्रद्धांजलि देने उमडे जंतर मंतर पर हजारों लोग

29 दिसम्बर की तड़के दिल्ली में 16 दिसम्बर को सामुहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीया पेरामेडिकल की छात्रा दामिनी की मौत के बाद पूरे देश में फेले आक्रोश को पुलिसिया ताकत के बल पर भले ही कुंद करने की कोशिश करते हुए जंतर मंतर पर हजारों की संख्या में उमड़ कर दिवंगत दामिनी को श्रद्धांजलि अर्पित की और इसके दोषियों को अविलम्ब सजा-ए-मौत की सजा देने की मांग करते हुए धरना प्रदर्शन किया। वहीं दिन भर आंदोलनकारियों की सुझबुझ से राष्ट्रीय धरना स्थल जंतर मंतर पर आज उस समय एक बड़ा हादसा टल गया जब दोपहर दो बजे सत्तामद में चूर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दामिनी की मौत व सरकार की लापरवाही के कारण आक्रोशित जनता ने जंतर मंतर पर पीडि़ता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के नाम पर वहां पर पंहुच कर मोमवत्ती प्रज्वलित   करने  का काम किया। वह दिल्ली पुलिस  की   तत्परता  व आंदोलनकारियों की सुझबुझ से  आज बडा हादसा होने से बच गया।  इस जनांदोलन में आम लोग दिल्ली व …
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सामुहिक दुराचार की पीडि़त लड़की की सिंगापुर में मौत से देश गहरे सदमें में
 16 दिसम्बर को दिल्ली में 23 वर्षीय पेरामेडिकल की जिस छात्रा से सामुहिक बलात्कार हुआ था उसका 29 दिसम्बर की प्रातः सवा दो बजे सिंगापुर के माउंट ऐलिजाबेथ अस्पताल में मृत्यु घोषित किया गया। इस खबर से पूरा देश गहरे सदमें में है। उसका पार्थिक शरीर 29 दिसम्बर दोपहर बाद 3-4 बजे भारत लाया जायेगा। इस पीडि़त लड़की मौत से जहां पूरा देश में शोक की लहर छा गयी। देश की जनता को चाहिए की वह शांति बना कर दिवंगत आत्मा का अपनी शांतिपूर्ण श्रद्धांजलि दे और सरकार दमनकारी हथकण्डे छोड़ कर दोषियों को अविलम्ब मौत की सजा दिलाने के लिए कानून बना कर उनको दण्डित कराने का दायित्व निभाये। यहीं दामिनी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी । देश के राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री सहित तमाम बडे नेता  जहां लोगों से शांति बनाये रखने की अपील की वहीं सरकार ने ऐतिहात के तौर पर इंडिया गेट के आस पास के सभी दस मेट्रो स्टेशन आवागमन के लिए बंद कर दिये है। इंडिया गेट की तरफ जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिये गये हैं। नई दिल्ली क्षेत्र को एक प्रकार से सुरक्षा बलों की छावन…
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दामिनी को न्याय दिलाने के लिए पुलिस के बर्बर दमन के बाबजूद जंतर मंतर पर डटे हैं जांबाज आंदोलनकारी
22 व 23 दिसम्बर को विजय चैक से लेकर इंडिया गेट व जंतर मंतर पर पुलिस ने जिस दामनी को न्याय दो, बलात्कारियों को मौत की सजा दो रूपि जनांदोलन की कमर तोड़ने के लिए लाठियों, आंसू गैस व पानी के तेज धार के प्रहार तथा कानून का खुला दुरप्रयोग भी किया था, उस आंदोलन को पुलिसिया दमन को धत्ता बता कर जंतर मंतर पर दिन भर शांतिपूर्ण ढ़ग से धरना प्रदर्शन करके जींदा रखे हुए है। चारों तरफ से सैकडों पुलिस की घेरेबंदी व पानी की तेज धार से प्रहार करने के लिए तैयार पुलिसिया गाड़ी की तैनातगी के बाबजूद आंदोलनकारी राष्ट्रीय धरनास्थल पर दिन भर ‘बलात्कारियों को सजा दो/ दामिनी तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ हैं/ सोनिया जिसकी ममी है वो सरकार निकम्मी है,/ पूरा देश आसू बहा रहा है मनमोहन व राहुल शर्म करो, आदि गगनभेदी नारों, दिन भर छात्र-छात्राओं व समाजसेवियों के जोशिले न्याय की मांग करने वाले भाषणों से जंतर मंतर गूंज उठता है। वहीं यहां पर कई कलाकार अपनी पेंटिंग बना कर यहां पर दामिनी को न्याय देने की मांग कर रहे है। वहीं स…
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मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित करके व गडकरी को पदमुक्त करके ही पार लगेगी भाजपा की नौका
मोदी के आगमन पर भाजपा मुख्यालय में भाजपा के बडे नेताओं की अनुपस्थिति ने किया मोदी युग का शंखनाद

नई दिल्ली।(प्याउ)। गुजरात में में तीसरी बार विधानसभा के चुनाव में अपने विरोधियों को चारों खाने चीत करके दिल्ली पंहुचे देश में प्रधानमंत्री पद के लिए देश की जनता का पहला पंसद बन कर उभरे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल्ली आगमन पर भाजपा मुख्यालय 11 अशोक रोड़  में हुए मोदी के भव्य स्वागत ने साबित कर दिया कि भाजपा में अब मोदी युग का शंखनाद हो चूका है। हजारों की संख्या में उमड़े भाजपा कार्यकत्र्ताओं की मोदी के लिए ‘पीएम-पीएम’के गगनभेदी नारों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित तमाम भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह बात साफ समझ में आ गयी होगी कि भाजपा का आम कार्यकत्र्ता भी अब भाजपा के भावी प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में स्वीकार चूका है।
कार्यकत्र्ताओं की भावनाओं पर प्रत्यक्ष टिप्पणी करने से बचते हुए केवल मोदी ने यही कहा कि बीजेपी जो जिम्मेदारी देगी, वह उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। इसके सा…
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गैंगरेप की पीडि़ता को सिंगापुर में इलाज के लिए भेजा पर दिल्ली में हुआ फिर सामुहिक बलात्कार
23 व 23 दिसम्बर को शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर ढाये पुलिस के अमानवीय कहर पर क्यों मूक हैं मानवाधिकार वाले

नई दिल्ली। एक तरफ सरकार ने दिल्ली में 16 दिसम्बर को सामुहिक बलात्कार की शिकार हुई पीडि़ता को इलाज के लिए सिंगापुर भेजने में जुटी हुई थी उसी दिन वृंदावन का एक गाइड दलिप ने जयपुर से दिल्ली आयी एक महिला से अपने साथियों के साथ सामुहिक बलात्कार करके महिला को को दिल्ली के कालका जी के पास फेंकने की खबर से बलात्कार के मामले पर सरकार के रवैये व पुलिसिया दमन से जनाक्रोश से धधक रही दिल्ली सहित पूरे देश के लोगों की त्योरियां और चढ़ गयी। महिला की शिकायत कालका जी थाने में दर्ज की गयी। एक तरफ सरकार दिल्ली में हो रहे एक के बाद एक बलात्कार को रोकने में असफल रही है वहीं वह बलात्कारियों को कडी सजा देने के लिए न तो अध्यादेश ही ला रही है व नहीं संसद का विशेष सत्र बुला कर जनभावनाओं के अनुरूप कठोर कानून ही बना रही है। उल्टा दोषियों को कड़ी सजा देने व इसके लिए कठोर कानून अविलम्ब बनाने की मांग को लेकर सडकों पर उतर कर …
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तू प्यार का सागर है, तेरी एक बूंद के प्यासे हम...’
वाजपेयी जी के जन्म दिवस पर दिल्ली के फिक्की में गूंजेकविता सेठ के सुफियाना गीत 


25 दिसम्बर को जब विश्व भर में क्रिसमस का पर्व बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा था तब सांय पोने सात बजे के करीब  मैं, उत्तराखण्ड राज्य गठन जनांदोलन के साथी इंजीनियर जगदीश भट्ट के साथ इस सभागार में पंहुचा तो वहां पर चारों तरफ अटल जी के जीवन की विभिन्न पहलुओं को उजागर करने वाली तस्वीरों की गेट के अंदर व सभागार के बाहर लगी हुई थी। उनके आदम कद तस्वीरों से वहां सजा हुआ था। उनके 88वें साल के प्रतीक 88 दीपक प्रज्वलित किये गये थे।
पूर्व प्रधानमंत्री व भाजपा के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी के 88वें जन्म दिवस पर, 25 दिसम्बर की सांयकाल को दिल्ली के मण्डी हाउस के समीप फिक्की सभागार में देश की अग्रणी सूफी गायिका कविता सेठ के मधुर स्वरों से गूंजायमान रहा। सभागार में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. मुरली मनोहर जोशी सहित भाजपा नेताओं व कार्यकत्र्ताओं से खचाखच भरे सभागार में जैसे ही कविता सेठ ने वाजपेयी के जन्म दिवस पर सूफियाने अंदाज में ‘तू प्रेम का सागर है, तेरी एक बूद क…
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अविलम्ब अध्यादेश लाने के बजाय न्याय की मांग  करने वालों पर फर्जी मुकदमे बनाने से बाज आये सरकार
अपनी नाकामयाबी को छुपाने के लिए पूर्व थल सेना प्रमुख व बाबा रामदेव पर प्रतिशोध में मुकदमें दर्ज 

जनाक्रोश प्रकरण मे दमनकारी पुलिस अधिकारियों पर नहीं यातायात व पीसीआर सहायक उपायुक्तों पर क्यों गिरा रही है गाज

नई दिल्ली।(प्याउ)। आक्रोशित जनता की मांग के अनुसार सरकार बलात्कारियों को कठोर सजा देने के लिए अध्यादेश लाने के या संसद का विशेष सत्र बुला कर कठोर कानून बनाने के बजाय न्याय की मांग करने वाले बाबा रामदेव व पूर्व सेनाध्यक्ष वी के सिंह पर मामला दर्ज करने और शांतिपूर्ण आंदोलनकारियों पर दमनकारी कहर ढाने का आत्मघाती काम कर रही है।  दमनकारी पुलिस अधिकारियों को दण्डित करने के बजाय वह यातायात व पीसीआर के सहायक उपायुक्तों पर गाज गिरा कर जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रही है।
सीबीआई के पूर्व निदेशक जोगेन्द्र सिंह , पूर्व न्याय मंत्री शांति भूषण सहित तमाम कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को जनाक्रोश का दमन करने के बजाय तुरंत बलात्कार की धारा 376 में महज दो लाइन जोडते हुए इसकी न्यूनतम सज…
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जनांदोलन को और फैलने से पहले बलात्कारियों को मौत की सजा का कानून बना कर दमनकारी पुलिस पर अंकुश लगाये सरकार,


शांतिपूर्ण आंदोलन का दमन न करे सरकार, आंदोलनकारी पुलिस व सम्पतियों को किसी भी हालत में नुकसान न पंहुचाये

किसी भी सूरत में हिसक न हों पुलिस व आंदोलनकारी 

रविवार को भी दिल्ली में गत रविवार की रात को चलती हुई बस में एक पेरामेडिकल की छात्रा के साथ हुए सामुहिक बलात्कार के विरोध सरकार द्वारा ठोस कदम न उठाये जाने से पूरा देश आक्रोशित है। भले ही रविवार 23 दिसम्बर को राष्ट्रपति भवन की तरफ आंदोलनकारियों ने पुलिस की भारे अवरोधों के कारण न किया हो परन्तु इडिया गेट व जंतर मंतर पर आंदोलनकारियों ने अपनी आवाज बुलन्द रखी। परतु न जाने क्यों पुलिस आंदोलनकारियों पर लाठी व आंसू गैस बरसा कर आंदोलनकारियों का दमन करके आंदोलन को भड़का रही है। आंदोलनकारियों को भी न तो किसी प्रकार से सरकारी या निजी सम्पतियों को नुकसान नहीं पंहुचाना चाहिए और नहीं पुलिस से किसी प्रकार की मुठभेड़ करके आंदोलन की धार को कमजोर बनाना चाहिए। बलात्कारियों को यथाशीघ्र कड़ी सजा मिलनी चाहिए। आंदोलनकारी एक ही मांग कर रहे हैं कि इस प्रकार…
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‘आपको गुरू घण्टाल तो नहीं, गुरू कहूगा ...’ मेजर जनरल खण्डूडी जब मुझको देखते ही बोले 
‘आपको गुरू घण्टाल तो नहीं, गुरू कहूगा..क्या हाल हैं आपके ’ गत रविवार 16 को दोपहर जैसे ही उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री दिल्ली में शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज के अभिनन्दन समारोह से आशीर्वाद लेने के बाद आश्रम के गेट पर खड़ी अपनी कार में बैठने के लिए कार के दरवाजे पर ही पंहुचे तो वहां पर यकायक मुझे सामने खडे देख कर मुस्कराते हुए दोनों हाथों से मेरे दोनों कंधे पर रखते हुए बरबस बोल पडे। मैने हंसते हुए कहा मैं तो ठीक हूॅ आप बतायें सब कुशल से हें आप और परिवार में सब कुशल से हैं। उन्होंने भी कहा सब ठीक है। उनके साथ उस समय खण्डूडी की तरह साथ रहने वाले उनके सहायक जयवीर सिंह रावत भी साथ थे। शंकराचार्य माधवाश्रम के परम शिष्य श्री वशिष्ट जी सहित कई लोग उनको विदाई देने के लिए हाथ जोड़ कर वहां पर खडे थे। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ट नेता मेजर जनरल भुवनचंद खण्डूडी 16 दिसम्बर को दिल्ली में सिविल लाइन स्थित शंकराचार्य आश्रम में ज्योतिष्पीठ पर शंकराचार्य के पद पर शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज के आसीन…
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भारतीय लोकशाही के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति भवन पर से इंडियागेट तक काबिज रहे हजारों आंदोलनकारी 

बलात्कारियों को फांसी देने की मांग करने वालों पर पुलिस ने बरसाये आंसू गैस व लाठियां

जनाक्रोश से सहमी सरकार, दिल्ली की सीमाये सील, सोनिया भी मिली आंदोलनकारियों से 

 दिल्ली में गत रविवार को चलती हुई बस में हुए सामुहिक बलात्कार के खिलाफ व दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर जनता का गुस्सा उफान पर है। आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी जनांदोलन के हजारों आंदोलनकारियों ने पूरे दिन राष्ट्रपति भवन, विजय चैक से लेकर इंडिया गेट तक पूरा राजपथ आक्रोशित छात्र व छात्राओं के साथ आम जनता के कब्जे में रहा। इससे सहमी सरकार ने 22 दिसम्बर की सुबह से जमी जनता को 23 दिसम्बर की प्रातः 6.30 बजे पुलिसिया बल के सहारे उठा कर विजय चैक सहित पूरा इलाका जनता से मुक्त करा दिया है। देर रात कपंकंपा देने वाली भारी ठण्ड में भी जमे हुए जांबाज 100 के करीब आंदोलनकारियों को पुलिस ने उठा कर दिल्ली के बवाना या गाजियाबाद के इन्द्रापुरम इलाके में छोड दिया है और बवाना में अस्थाई जैल बना डाली। रेल भवन के पास भी बेरिकेट …
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विश्व शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित हों विकिलीक्स प्रमुख असांजे



असांजे द्वारा अमेरिका सहित संसार भर के हुक्मरानों के कृत्यों को फिर से बेनकाब करने की हुंकार भरने से मचा विश्व में हडकंप 
विश्व लोकशाही को अपने सामरिक ताकत के बल पर रौंदने वाले अमेरिकी हुक्मरान सहित विश्व के अधिकांश अलोकतांत्रिक हुक्मरानों के कृत्यों को पूरे विश्व के समक्ष बेनकाब करने वाले विकिलीक्स के संचालक जुलियन असांजे को विश्व शांति का सर्वोच्च शांति पुरस्कार ‘नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए। अपनी जान व व्यवसाय को जोखिम में डाल कर असांजे ने अमेरिका सहित विश्व के अधिकांश देशों के प्रमुखों के विश्व शांति व लोकशाही को ग्रहण लगाने वाले कृत्यों के उजागर होने से पूरे विश्व की जनता जागृत हो गयी है और संसार के किसी भी देश के हुक्मरान द्वारा संसार की शांति व लोकशाही को ग्रहण लगाने की प्रवृति का मुंहतोड़ जवाब देंगे।
जैसे ही श्री असांजे ने अपनी विश्व विख्यात बेबसाइट विकिलीक्स से अमेरिका सहित अन्य देशों के हुक्मरानों को बेनकाब किया उससे वह अमेरिका की नजरों में खटकने लगा। उसको किसी भी हालत में फंसाने का ताना बाना बु…
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बलात्कारियों को उम्र केद नहीं ,मृत्य दण्ड की मांग करे सरकार
बलात्कारियों को फांसी की सजा देने की मांग करने के बजाय उन पर दया कर क्यों उम्रकेद मांग रही है सरकार 
नई दिल्ली(प्याउ)।दिल्ली में पेरामेडिकल की छात्रा से गत रविवार की रात को हुए सामुहिक बलात्कार के हैवानों को सड़क से लेकर संसद तक हर कोई मृत्युदण्ड देने की मांग कर रहे है । दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला, उप्र की मुख्यमंत्री मायावती, नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, ही नहीं तमाम सांसद से लेकर देश के आम प्रबुद्ध लोगों की एक स्वर में मांग कर रहे हैं कि इस प्रकार के बलात्कारियों को जब तक फांसी की सजा भी कम है। जब तक इस प्रकार के अपराधियों को फांसी नहीं दी जाती है तब तक इस प्रकार के घृर्णित अपराधों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकेगा। स्वयं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सप्रंग प्रमुख सोनिया गांधी से लेकर देश का हर जागरूक इंसान इस प्रकरण पर अपनी कड़ी भत्र्सना व्यक्त कर चूका है। यही नहीं स्वयं इन काण्ड के छहः दरिन्दों में से एक दरिंदे ने अपने लिए फांसी की सजा की मांग कर चूका है। यही नहीं इन दरिंदों के परिजन भी इनके लिए फांसी की सजा की मांग कर चूके है। पर…
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मोदी के गुजरात विजय से कांग्रेस ही नहीं भाजपा नेताओं की भी उड़ी हवाईयां
वीरभद्र की ताजपोशी में विध्न डाल कर आत्म हत्या करने से बाज आये कांग्रेस

20 दिसम्बर को गुजरात व हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव 2012 के चुनाव परिणाम घोषित होने से साफ हो गया कि नरेन्द्र मोदी जहां आज देश के सर्वोच्च जनप्रिय नेता हैं तो वीरभद्र कांग्रेस के सबसे बडे जनाधार वाले नेता हैं।गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी ने अपने दम पर भाजपा को फिर से सत्तारूढ़ करने में सफल रहे वहीं हिमाचल में पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ बने भारी माहौल के बाबजूद अपने दम पर कांग्रेस को पूरे बहुमत से सत्तासीन करने में वीरभद्र सफल रहे। जिस प्रकार मोदी को प्रधानमंत्री का दावेदार बनाने के लिए भाजपा के आला नेता व संघ-विहिप के कई नेता अवरोधक बने हुए हैं वहीं हिमाचल में वीरभद्र के करिश्माई नेतृत्व के कारण मिली विजय के वाबजूद कांग्रेस के दिल्ली दरवारी उनकी राह में हिमाचल के मुख्यमंत्री बनने की राह में ही कांटे बिछाने में लगे हुए है। केन्द्रीय नेतृत्व के आत्मघाती सलाहकार अगर वीरभद्र के बजाय किसी अन्य को हिमाचल का मुख्यमंत्री बनाते हैं तो यह कांग्र…
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पेरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से सामुहिक बलात्कार से शर्मसार हुआ भारत

राजनीति के अपराधिकरण से बढ रहा है अपराध

देश की राजधानी दिल्ली में पेरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा से रविवार को हुए सामुहिक बलात्कार की घटना से सवा करोड़ से अधिक दिल्लीवासी ही नहीं अपितु पूरा देश शर्मसार है। देश की राजधानी दिल्ली में विगत 11 दिनों में बलात्कार के 8 मामले प्रकाश में आये। जिसमें 16 दिसम्बर को चांदनी महल तुर्कमान गेट क्षेत्र की  अबोध बच्ची से लेकर 6 दिसम्बर को तिमारपुर क्षेत्र में विदेशी युवती से हुआ सामुहिक बलात्कार है। जब देश की राजधानी जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर सेनाध्यक्ष सहित तमाम सर्वोच्च अधिकारी रहते हैं वहां यौन अपराध का इतना खौपनाक स्थिति है तो देश के दूर दराज के क्षेत्रों की हालत का सहज ही अनुमान लगाया जा सकता। इसमें यह तथ्य भी सर्वविदित है लोकलाज के कारण इस अपराध के दस फिसदी मामले भी पुलिस के समक्ष नहीं आते है।
उत्तराखंड के एक संस्थान से फीजियोथेरेपिस्ट का कोर्स करने के बाद वह दिल्ली के एक अस्पताल से इंटर्नशिप ले रही पेरामेडिकल की छात्रा जब रविवार 17 दिसम्बर की देर रात दक्षिण दिल्ली…
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शंकराचार्य के पद पर आसीन होने के 19 वर्ष पूरे होने पर 

शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज को भव्य अभिनन्दन 

 विश्व के सबसे प्राचीन व शास्वत हिन्दू धर्म के सर्वोच्च धर्माध्यक्ष ‘शंकराचार्य ’ के पद पर आसीन हुए 19 वर्ष पूरे   होने पर देश की राजधानी दिल्ली में रविवार, 16 दिसम्बर को राजनेताओं व धर्माचार्यो सहित हजारों श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य माधवाश्रम जी का भव्य अभिनन्दन किया। गौरतलब है कि आज से 19 साल पहले हिन्दू धर्म के 4 शंकराचार्य पीठ में से प्रमुख ज्योतिष पीठ पर शंकराचार्य के पद पर शंकराचार्य श्रीकृष्णबोध आश्रम जी के परम शिष्य, गोरक्षा आंदोलन के ध्वजवाहक, हिन्द धर्म के मर्मज्ञ माधवाश्रम जी महाराज को आसीन  किया गया था।  16 दिसम्बर को  दिल्ली के सिविल लाइन क्षेत्र में 7 शंकराचार्य मार्ग स्थित श्रीकृष्णवोध आश्रम में प्रातः काल से ही धर्माचार्यो, राजनेताओं व श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। प्रातःकाल से ही विशाल भव्यमंच पर सैकडों साधु संतों के मध्य  धर्मध्वजा व छत्र युक्त ऊंचे सिहासन पर विराजमान ज्योतिषपीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज का वैदिक परंपरा के अनुसार धर्माचार्यो की दि…
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अमेरिका व चीन के विद्यालय में 14 दिसम्बर की हिसंक हमलों से स्तब्ध विश्व

नैतिक शिक्षा व अनैतिक विकास के कारण विक्षिप्त हिंसक हो रहा है आधुनिक विकसित समाज

विश्व को कल्याणकारी देने में नकाम रहा अमेरिका की विकसित पश्चिमी व्यवस्था व चीन का साम्यवाद भी 


14  दिसम्बर को दुनिया के सबसे विकसित व महाशक्ति बने अमेरिका व चीन के प्राथमिक स्कूलों में अबोध विद्यार्थियों पर हमलावर द्वारा अकारण किये गये हमलों से पूरा विश्व स्तब्ध है। अमेरिका के प्राथमिक विद्यालय में हमले में 20 बच्चों सहित 27 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। वहीं चीन में एक महिला सहित 22 बच्चों को हमलावर ने चाकू से ताडबतोड़ हमला करके घायल कर दिया।  एक ही दिन संसार के सबसे विकसित,सभ्य, शिक्षित व महाशक्ति होने का दम्भ भरने वाले इन दो देशों में इस प्रकार की हिंसक घटना से पूरे विश्व को सोचने के लिए विवश कर दिया कि आखिर हम पूरी दुनिया को किस दिशा में ले जा रहे हैं? अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा स्तब्ध हो कर आंसू बहा रहे हैं वहीं चीन ऐसी खबरों को दबाने में लगा है। क्या आज हमारा तथाकथित विकसित दुनिया की शिक्षा व्यवस्था व विकास का ढांचा इतना अनैतिक …
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जमीनी नेताओं को हासिये पर डालने वाले भाजपा नेतृत्व को सिखाया येदियुरप्पा ने करारा सबक

येदियुरप्पा प्रकरण से सहमी भाजपा कर सकती है विधानसभा भंग

 भाजपा के अपने अपने राज्यों में उमा भारती, मदनलाल खुराना, कल्याणसिंह व गोविन्दाचार्य जैसे दिग्गज जनाधार वाले नेताओं को एक एक कर हासिये में डाल कर वहां पर अपने प्यादों को आसीन करके देश का एकक्षत्र नेता बनने की भाजपा नेतृत्व व उसकी चैकड़ी को  कर्नाटक में भाजपा का सत्तासीन करने वाले जमीनी दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने जमीन सुंघा दी।  पहली बार दक्षिण भारत के अग्रणी राज्य  कर्नाटक में पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कड़ी मेहनत से भाजपा को सत्तासीन किया था। परन्तु दिल्ली में बेठे दिग्गज मठाधीशों ने उनको भी उमा भारती, कल्याण सिंह व मदनलाल खुराना की तरह हाशिये में डाल कर वहां पर अपने हवाई प्यादे  को स्थापित करने की मंशा से बार बार उनकी सरकार को अस्थिर करने की हरकतें की। केन्द्रीय नेतृत्व की मंशा पर भी भाजपा की मातृ संगठन संघ की मूकता से आहत हो कर येदियुरप्पा ने भााजपा को ऐसी पटकनी दे डाली जिससे न केवल प्रदेश भाजपा सरकार के अस्तित्व पर ग्…
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आजादी के 65 साल बाद भी फिरंगी भाषा की गुलामी का कलंक क्यों ढो रहे हैं भारतीय 

सर्वोच्च न्यायालय में कब मिलेगा भारतीय भाषाओं में न्याय




सर्वोच्च न्यायालय में भारतीय भाषाओं को लागू करने के लिए सोनिया के दर पर पुलिसिया दमन के बाबजूद 4 दिसम्बर से  श्यामरूद्र पाठक व साथियों का सत्याग्रह जारी

आजादी के 65 साल बाद भी देश में अंग्रेजी गुलामी ढोना किसी देशद्रोह से कम नहीं


भले ही देश को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्ति मिले 65 साल हो गये हैं परन्तु आज भी भारत के सर्वोच्च न्यायालय में भारतीय भाषाओं में नहीं अपितु अंग्रेजों की भाषा में दिया जाता है। इसी कलंक को दूर करने की मांग को लेकर यानी देश के सर्वोच्च न्यायालय में भारतीय भाषाओं को लागू करने की मांग को लेकर सप्रंग सरकार की मुखिया सोनिया गांधी के आवास 10 जनपत नई दिल्ली पर देश के अग्रणी वैज्ञानिक व भारतीय भाषा आंदोलन के पुरोधा श्यामरूद्र पाठक के नेतृत्व  भारतीय भाषाओं के लिए समर्पित आंदोलनकारियों का सत्याग्रह 4 दिसम्बर के बाद पुलिसिया दमन के बाबजूद निरंतर जारी है। परन्तु न तो कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी एक सप्ताह से अपने दर पर आंदोलन कर रहे आईआईटी दिल…