Posts

Showing posts from March, 2013
Image
राज्य गठन आंदोलनकारी केशर सिंह पटवाल नहीं रहे 
उत्तराखण्ड राज्य गठन के लिए संसद की चैखट जंतर मंतर पर 16 अगस्त 1994 से 16 अगस्त 2000, राज्य गठन तक ऐतिहासिक धरना प्रदर्शन करने वाले उत्तराखण्ड जनांदोलन के प्रमुख संगठन ‘उत्तराखण्ड जनता संघर्षमोर्चा के समर्पित आंदोलनकारी व समाजसेवी 68 वर्षीय केशर सिंह पटवाल का 29 मार्च की रात 11.30 बजे आकस्मिक निधन हो गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के प्रताप नगर (गाजियबाद) में अपने छोटे बेटे के साथ सेवा निवृत के बाद रह रहे केशरसिंह पटवाल का अंतिम संस्कार गाजियाबाद के हिन्डन घाट पर किया गया। समाजसेवी केशरसिंह पटवाल के निधन की सूचना प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक व उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष देवसिंह रावत को उनके बडे बेटे विनोदसिंह पटवाल ने मोबाइल नम्बर 9717650084 से अभी कुछ देर पहले दी।
दिवंगत समाजसेवी व राज्य गठन आंदोलनकारी केशरसिंह पटवाल के निधन पर उत्तराखण्ड राज्य गठन के प्रमुख संगठन ‘उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा ने गहरा शोक प्रकट करते हुए शोकाकुल परिवार को अपनी संवेदना प्रकट की। मोर्चा के अध्यक्ष देवसिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्ड राज्…
Image
भारतीय भाषाओं में भी न्याय के लिए सोनिया गांधी के मुख्यालय पर धरने के 118वें दिन जोरदार प्रदर्शन 
सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय में भारतीय भाषा में न्याय देने की मांग को लेकर चल रहे श्यामरूद्र पाठक के आंदोलन के 118वें दिन अग्रणी भाषा आंदोलनकारियों ने किया प्रदर्शन


नई दिल्ली 31 मार्च ।
सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालयों में न्याय की भाषा के रूप में भारतीय भाषाओं को स्थापित करने की मांग को लेकर सप्रंग सरकार की मुखिया सोनिया गांधी के 24 अकबर रोड दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर, 4 दिसम्बर से निरंतर धरना प्रदर्शन कर रहे  न्याय एवं विकास अभियान के संयोजक श्री श्याम रूद्र पाठक के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के 118 वें दिन, 31 मार्च को संघ  लोकसेवा आयोग पर भारतीय भाषाओं के लिए 14 साल का एतिहासिक धरना  देने वाले पुष्पेन्द्र चैहान, देश के अग्रणी पत्रकार राहुल देव, माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अच्युतानन्द मिश्र व हबीब अख्तर के साथ अग्रणी भारतीय भाषाओं के समर्थकों ने धरना दिया। धरने के समापन के अवसर पर आंदोलनकारियों ने देश में भारतीय भाषाओं में न्याय देने की मांग व अंग्रेजी…
Image
शतः शतः वन्दन तुम्हे वीर भगत सिंह
जिन्होंने लड़ी थी जंगे आजादी की, उन्हे देश ने भूला दिया
शहीद हुए जो अमर सैनानी उनके आदर्शो को मिटा दिया
भारतवासी बने नहीं हम, देश जाति धर्म में देश बांट दिया 
लोकतंत्र आज परिवारतंत्र बन, देखो लूटतंत्र ही बना दिया
देशहित की परवाह नहीं, ये है अमेरिका के ही अंध भक्त
चंगेजो की तरह देश लुट रहे, जो बने हुए है आज रहनुमा
आजादी के 66 साल बाद भी गुलाम बनी हुई है माॅं भारती
नाम देश का भारत मिटा कर अब बन गया है देश इडिया
भारतीय भाषाओं को दास बना कर राज कर रही है अंग्रेजी
शतः शतः वन्दन तुम्हे वीर भगत सिंह, चन्द्रशेखर, नेता जी
हम दिलायेंगे भारत माॅ को आजादी इंडिया की गुलामी से
उठो जागो, वीर जवानो, माॅं भारती की 125 करोड़ संतानों 

-देवसिंह रावत(भारतीय आजादी के महान नायक अमर शहीद वीर भगतसिंह, सुखदेव व राजगुरू की शहादत की याद में शहीदों की पावन शहादत की स्मृति को शतः शतः नमन् शहीदी दिवस, 23 मार्च 2013 की 11.43 बजे )
Image
सुबह डट कर खायें, दोपहर को थोडा कम और रात को सबसे कम खाना खाना ही सर्वेश्रेष्ठ
सूर्योदय के दो घण्टे के अंदर ही खाया खाना सबसे लाभकारी होता हैः बागवट-

राजीव दीक्षित 

हमारे देश मे 3000 साल पहले एक ऋषि हुए जिनका नाम था बागवट जी ! वो 135 साल तक जीवित रहे ! उन्होने अपनी पुस्तक अशटांग हिरद्यम मे स्वस्थ्य रहने के 7000 सूत्र लिखे ! उनमे से ये एक सूत्र राजीव दीक्षित जी की कलम से आप पढ़ें !


_________________________________

बागवट जी कहते है, ये बहुत गहरी बात वो ये कहते है जब आप भोजन करे कभी भी तो भोजन का समय थोडा निश्चित करें । भोजन का समय निश्चित करें । ऐसा नहीं की कभी भी कुछ भी खा लिया । हमारा ये जो शरीर है वो कभी भी कुछ खाने के लिए नही है । इस शरीर मे जठर है, उससे अग्नि प्रदिप्त होती है । तो बागवटजी कहते है की, जठर मे जब अग्नी सबसे ज्यादा तीव्र हो उसी समय भोजन करे तो आपका खाया हुआ, एक एक अन्न का हिस्सा पाचन मे जाएगा और रस मे बदलेगा और इस रस में से मांस,मज्जा,रक्त,मल,मूत्रा,मेद और आपकी अस्थियाँ इनका विकास होगा ।

हम लोग कभी भी कुछ भी खाते रहते हैं । ये कभी भी कुछ भी खाने पद्ध्ती भारत की नहीं है, ये …
Image
आखिर कब तक जारी रहेगा भारत की आजादी को अंग्रेजी का गुलाम बनाये रखने का राष्ट्रघाती षडयंत्र!
अंग्रेजी की गुलामी के थोपने का भारी विरोध के कारण संघ लोकसेवा आयोग ने वापस ली अंग्रेजी अनिवार्यता का नियम


नई दिल्ली (प्याउ)। आजादी के बाद पहली बार देश में अंग्रेजी सम्राज्य को आजादी के 65 साल बाद भी बनाये रखने वाले अंग्रेजों के स्वयंभू गुलाम हुक्मरानों को अपने नापाक मंसूबों को देश में मजबूत करने के कारण मुंह की खानी पड़ी। देश की लोकशाही, आजादी व स्वाभिमान को रौंद रही फिरंगी भाषा अंग्रेजी भाषा को  भारतीय शासन प्रशासन को संचालित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं (संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा ) में केवल अंग्रेजीदा वर्ग का बर्चस्व और मजबूत करने तथा भारतीय भाषाओं के बढ़ते हुए भागेदारी पर अंकुश लगाने के लिए खतरनाक व राष्ट्रघाती षडयंत्र सिविल सेवा परीक्षा में सुधार के नाम पर जो 5 मार्च को अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता व इस के अंक मैरिट में जोडने तथा भारतीय भाषाओं को वनवास देने का जो तुगलकी फरमान जारी किया था उसका तमिलनाडू, गुजरात, मध्यप्रदेश की सरकारों के साथ साथ संसद में तमाम दलों ने भारी विरो…
Image
विश्व की एकमात्र रहस्यमय ‘फूलों की घाटी ’ Unique Gift of nature  VALLEY OF FLOWER March 25, 20013 प्यारा उत्तराखण्ड बेबसाइट सेवा - विश्व की रहस्यमय व प्राकृतिक  फूलों का एक बडी घाटी भारत में हिमालय की गोद में उत्तराखण्ड में स्थिति है। यह उत्तराखण्ड में सीमान्त जनपद चमोली में विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम क्षेत्र में भूण्डार घाटी में स्थित है। नवम्बर से मई के अंतिम सप्ताह तक वर्फ से छादित रहने वाली यह फूलों की घाटी दिल्ली से 517 किमी दूरी पर स्थित है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 11000 से 14 000 फुट पर स्थित है। इस फूलों की घाटी का असली नजारा देखने का समय 21 जुलाई से 10 अगस्त के बीच का समय सर्वोत्तम होता है। इन दिनों इस घाटी में अधिकांश फूल खिले रहते है। हालांकि पर्यटक सितम्बर तक यहां पर नजारा देखने के लिए आते रहते हैं।  भारतीय जनमानस में यहां के बारे में दो प्राचीन कहानियां प्रचलित हैं एक तो भगवान शिव ने इस स्थान पर कामदेव को भष्म किया था। दूसरी इसी स्थान पर महावीर हनुमान जी संजीवनी बूटी को लेने के लिए आये थे। यहां पर 500 से अधिक प्रजातियों के प्राकृतिक फूलों की घाटी है। संसार में अपने आप में…
Image
विहार में एक हेक्टर में 22.4 टन धान पैदा कर साधारण किसान ने बनाया विश्व रिकार्ड पटना, मार्च 28 (प्याउ)। बिहार के नालंदा जिले के दरवेशपुरा गांव के एक किसान सुमंत कुमार के खेत में एक हेक्टयर में 22.4 टन धान पैदा करके विश्व रिकार्ड बना कर कृषि वैज्ञानिकों को भी आश्चर्य में डाल दिया है। इस की भनक लगते है पूरे विश्व के कृषि वैज्ञानिकों , स्वयं सेवी संस्थाओं और मीडिया का जमघट इस किसान के खेत में लग गया है। इसके बारे में सबसे पहले विश्व जगत को जानकारी देते हुए ब्रिट्रेन के 160 पुराने प्रतिष्ठित समाजचार पत्र गार्डियन ने एक लेख में कहा गया था कि बिहार के नांलदा जिले के दरवेशपुरा गांव में एक किसान के खेत में उतनी धान पैदा हुई जितनी इससे पहले दुनिया भर में कहीं नहीं हुई थी। बीबीसी के अनुसार इस लेख में गार्डियन के पर्यावरण संपादक जॉन विडाल ने लिखा है कि किसान सुमंत कुमार के खेत में एक हेक्टयर में 22.4 टन की दर से हुई उपज उन तीन अरब से अधिक लोगों के लिए श्बहुत बड़ी खबर है। जिनका मुख्य भोजन चावल है.। यह खबर भले ही भारत की राजधानी दिल्ली के तथाकथित बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा की खबर भले ही न  बन पायी ह…
Image
कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली 
जिस देश के खेवनहार ही खेल रहे हों यहां भ्रष्टाचार की होली,
आप ही बताओं हम कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली ।।
पाक, चीन व अमेरिका मिल कर खेल रहे हों आतंक की होली
आप ही बताओं हम कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली ।।
जिस देश की आजादी व तंत्र को गुलाम बना रही हो अंग्रेजी
आप ही बताओं हम कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली ।।
जहां न्याय, प्रतिष्ठा शिक्षा, रोजगार पर बेठी हों फिरंगी बोली
आप ही बताओं हम कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली ।।
लाखों बच्चें भूखे, नंगे दर दर भटकें खेलें अरमानों की होली
आप ही बताओं हम कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली ।।
शिक्षा, स्वास्थ्य,न्याय रोजगार से वंचित जनता मंहगाई की मारी
आप ही बताओं हम कैसे खेलें अब खुले मन से रंगों की होली ।।
केवल आसरा श्रीकृष्ण का है ,बजाओ अब परिवर्तन की रणभेरी
मिटे संताप जनजन का साथी, चारों तरफ हो प्रेम की होली।।देवसिंह रावत (होली के पावन पर्व बुद्धवार,27 मार्च को दिन के 11.42 बजे)
Image
सत्तांधों के कुशासन के कारण अपराध की भी राजधानी बन रही है दिल्ली!
दिल्ली में एक और अरबपति दीपक भारद्वाज की उसके ही फार्म हाउस में हत्या

दिल्ली में आज मंगलवार 26 मार्च को जिस प्रकार से 2009 के  लोकसभा चुनाव में 604 करोड़ की सम्पति घोषित करने वाले पश्चिमी दिल्ली संसदीय सीट से बसपा के प्रत्याशी के रूप में उतरे उस लोकसभा चुनाव के देश में सबसे धनिक प्रत्याशी के रूप में विख्यात रहे 62 दीपक भारद्वाज को आज 26 मार्च की प्रातः 9.15 बजे को उनके बसंत कुंज फार्म हाउस नितीश कुंज में 3 हमलावरों ने गोली मार कर हत्या कर दी।
उल्लेखनीय है कि 1951 में साधारण परिवार में जन्में बसपा नेता 20 साल पहले दीपक भारद्वाज बाढ़ डिपार्टमेंट में एक लिपिक  थे। चंद सालों में वे जाने माने करोबारी के रूप में स्थापित हो गये। मारे गये दीपक भारद्वाज के कारोबार में रियल स्टेट, द्वारका में स्कूल, रियल स्टेट के तहत हरिद्वार में एक टाउनशिप प्रोजेक्ट और दिल्ली गुड़गांव में उनके होटल आदि में करीब अब 2000 करोड़ सम्पति का सम्राज्य भी छोड गये है। दीपक भारद्वाज की उनके बसंतु कुंज स्थित फार्म हाउस में हत्या की घटना ने कुछ महिने पहले नवम…
Image
निशंक की धमकी से सहमें विजय बहुगुणा, भाटी आयोग भंग और त्रिपाठी बने अध्यक्ष
देहरादून 26 मार्च(प्याउ)। 25 मार्च को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने प्रेसवार्ता करके प्रदेश की विजय बहुगुणा सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार ने 15 दिन के भीतर भाटी आयोग को भंग करने की मांग पर अमल नहीं किया तो भाजपा अगला कदम उठाएगी।’ भाजपा नेता निशंक की धमकी के कुछ ही घण्टे के अंदर प्रदेश सरकार ने भाटी आयोग भंग करके उप्र के पूर्व आईएएस अधिकारी सुशील चंद्र त्रिपाठी को भाजपा शासनकाल में हुए कथित घोटालों की जांच के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष बनाया। इससे पहले इसी आयोग के अध्यक्ष केआर भाटी ने तराई विकास बीज निगम में भाजपा शासन काल में हुए घोटाले की रिपोर्ट पेश करके प्रदेश की राजनीति में एक प्रकार का तूफान ही मचा दिया था। भाटी आयोग की रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक व टीडीसी के तत्कालीन अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित तत्कालीन प्रमुख सचिव व एफआरडीसी को अनियमितता का दोषी ठहराया गया है। इससे पूरे प्रदेश की राजनीति गरमा गयी। भले ही कांग्रेसी नेता इशारे इशार…
Image
मुजफरनगर काण्ड पर शर्मनाक मौन व राष्ट्र भक्त रामदेव को सीबीआई से प्रताडित क्यों ?
देश की संस्कृति व सम्मान तथा विकास के लिए वर्षो से देश विदेश में लाखों लोगों का नेतृत्व करने वाले बाबा रामदेव को प्रताडित करने के लिए जो जांच सीबीआई को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने सोंपी है वह अपने आप में केवल अपने निहित स्वार्थ की पूर्ति के लिए व अपनी आका सोनिया गांधी की नजरों में सबसे बडा वफादार साबित करने के लिए किया गया कृत्य है। इसमें न्याय का कहीं दूर दूर तक वास्ता नहीं। अगर विजय बहुगुणा को न्याय से जरा सा भी वास्ता रहता तो वे तुरंत मुजफरनगर काण्ड-94 के दोषियों को सजा देने के लिए ऐसे कदम उठाते, स्टर्जिया प्रकरण सहित उत्तराखण्ड की जल जमीन व जंगल आदि संसाधनों की बंदरबांट करने वालों की जांच कराते, उत्तराखण्ड को शराब का गटर बनाने वाले राजनेताओं व नौकरशाहों के गठजोड़ को बेनकाब करने के लिए कराते। गंगा में अवैध खनन करने वालों को रोकने के लिए आमरण अनशन करने वाले बाबा को मौत के मुंह में धकेलने वालों को बेनकाब करने के लिए सीबीआई की जांच करते तो उत्तराखण्ड की जनता उसे स्वीकार करती। परन्तु विजय बहु…
Image
निशंक पर शिकंजा कस कर अपनी डूबती नौका पार लगायेंगे बहुगुणा?
-मुख्यमंत्री के चक्रव्यूह से उबर पायेंगे क्या निशंक

-निशंक पर मामला दर्ज करने की मांग कर लेकर कांग्रेस विधायक ने दिया धरना

प्रदेश के तमाम सियासी समीक्षकों के बीच इन दिनों एक खास चर्चा है कि आगामी 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को जनता की नजरों में पूरी तरह से बदरंग करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा क्या भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री निशंक पर शिकंजा कसेंगे?  जिस प्रकार से आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेसी आला नेतृत्व पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री बहुगुणा को पार्टी के लिए कमजोर मानते हुए मुख्यमंत्री के पद से हटाने का भारी दवाब बढ ़रहा है।  इन्हीं सियासी दवाब को कमजोर करने के लिए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भाजपा की सबसे
संवेदनशील कड़ी समझे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री निशंक पर शिकंजा कस कर अपनी व कांग्रेस की स्थिति मजबूत करने का मन बना चूके है।
सुत्रों के अनुसार कांग्रेसी रणनीतिकारों को इस बात का पूरा भरोसा है कि अगर प्रदेश सरकार निशंक पर शिकंजा कसती है तो प्रदेश की जनता में भाजपा के तमाम विरोध का कोई असर नहीं पडेगा और का…
Image
सीबीआई के हंटर से सरकार तो बचा सकती है कांग्रेस पर 2014 के चुनाव नहीं जीत पायेगी
स्टालिन को सीबीआई का हंटर चला कर मुलायम व माया से सरकार बचायेगी सरकार 
कांग्रेस सीबीआई के हंटर से अपनी सरकार तो बचा सकती है, परन्तु आगामी 2014 का चुनाव किसी प्रकार से नहीं जीत पायेगी। द्रुमुक के वरिष्ट नेता व द्रुमुक आलाकमान करूणानिधी के बेटे एम के स्टालिन के घर पर 21 मार्च की प्रातः साढ़े पांच बजे सीबीआई का छापा पड़ने के कदम को राजनैतिक क्षेत्रों में समर्थन के लिए आंखे दिखा रहे सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव व बसपा आला कमान मायावती को मजबूती से साथ देने का कांग्रेसी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सत्ता के लिए देश के राजनेता कितने निर्मम होते हैं इसका स्टालिन के घर पर पडा सीबीआई के छापे प्रत्यक्ष उदाहरण है। एक दिन पहले तक सप्रंग  सरकार की प्रमुख सोनिया व प्रधानमंत्री मनमोहन ही नहीं पूरी सरकार जिन करूणानिधि के लिए हर समय लाल कालीन बिछा कर स्वागत करने में दण्डवत रहती थी वह समर्थन वापस लेते ही कितनी निरंकुश व निर्दयी हो जाती है कि करूणानिधि के राजनीति के वारिस स्टालिन के घर पर हीं स्टालिन के फिल्म निर्माता बेट…
Image
नीतीश को चन्द्रशेखर बनना कर मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोकेगी कांग्रेस ?मूर्ति प्रेम ने  किया नीतीश को माया की तरह  बेनकाब


प्यारा उत्तराखण्ड का विशेष लेख- क्या नीतीश कुमार कांग्रेस के लिए अगले चरणसिंह या चन्द्रशेखर  बन कर देश का प्रधानमंत्री बनने की हसरत पूरा कर पायेंगे? यह सवाल देश की राजनीतिक पंडितों के मानस पटल पर कई दिनों से रह रह कर उठ रहा है। गौरतलब है भाजपा में  गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को भावी प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में तेजी से उभर रहे हैं उससे प्रधानमंत्री बनने के लिए राजग के दूसरे बडे साझेदार जदयू के नेता व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व कांग्रेस के बीच दूरियां कम होते जा रही है। कांग्रेस को इस बात का भान हो चूका है कि मनमोहन की सरकार से देश की जनता बेहद खपा हैं और 2014 के लोकसभाई चुनाव में कांग्रेस को सत्ता से दूर होना पडेगा। भाजपा सत्ता में आसीन न हो पाये इसके लिए वह ऐसे नेता को सामने रखना चाहती है जिससे उसको ज्यादा नुकसान भी न हो और नरेन्द्र मोदी जैसे तेजतरार घोर कांग्रेस विरोधी भाजपा नेता को प्रधानमंत्री बनाने से रोका जा सके। इसके लिए कांग्रेस के ल…
Image
भ्रष्टाचार में रंगे सत्तालोलुपु भैडिये खेल रहे हैं जनहितों के गला घोंटने की होली

बहुगुणा से तत्काल मुक्ति दे कांग्रेस आला कमान
रंगो के इस पावन त्यौहार होली कें रंगों में रंगी हुई उत्तराखण्ड की धरती में इन दिनों यहां के सत्तासीन कांग्रेसी हुक्मरान व विपक्षी भाजपा एक दूसरे का भ्रष्टाचार किचड से मुुंह काला करने में लगे हुए है।  वहीं सत्तापक्ष विपक्षी दल भाजपा के पूर्व हुक्मरानों पर भ्रष्ट्राचार में बदरंग उनकी भाटी आयोग द्वारा तैयार किया गया आइना दिखा रहा है। वहीं विपक्षी प्रदेश में सिडकुल सहित कई प्रकरणों में लिप्त प्रदेश की बहुगुणा सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे है। प्रदेश में सत्तासीन मुख्यमंत्री के उत्तराखण्ड विरोधी कार्यों को देखते हुए प्रदेश की जनता इस बात से हैरान है कि आखिर प्रदेश व कांग्रेस की लूटिया डुबाने में लगे मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को क्यों अब तक मुख्यमंत्री के पद पर कांग्रेस नेतृत्व ने बनाये रखा है। आखिर क्यों कांग्रेसी नेतृत्व को यहां पर आसीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की तार तार हो चूकी लोकप्रियता दिखाई नहीं दे रही है। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 2014 में क्या कांग्रेस…
Image
हथनी कुण्ड से यमुना मुक्ति के लिए जंतर मंतर पर आमरण अनशन जारी 
यमुना मुक्तिकरण समझोते के विरोध में व हथनी कुण्ड से यमुना को मुक्त करने के लिए 


नई दिल्ली 17 मार्च ।
भले ही सरकार ने मथुरा से दिल्ली कूच करने वाले हजारों यमुना भक्तों को समझोते का झुनझुना पकडा कर केन्द्र सरकार ने इस आंदोलन से लोगों को वापस मथुरा अपने घर भिजवाने में सफलता हासिल कर इसका श्रेय हासिल करने के कसीदे पढ़ रहा हो परन्तु इस समझोते को इस आंदोलन से विश्वासघात बताते हुए यमुना मुक्ति आंदोलनकारियों ने जंतर मंतर पर 15 मार्च आमरण अनशन शुरू कर दिया है। यमुना मुक्ति अभियान के बैनर तले जंतर मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के संयोजक मथुरा के अग्रणी समाजसेवी चिंतक श्रीओम ने प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक देवसिंह रावत को जंतर मंतर पर बताया कि जिस हथनी कुण्ड सेे यमुना को मुक्ति दिलाने के लिए हजारों यमुना भक्तों ने मथुरा से दिल्ली के लिए कूच किया था, सरकार से हुआ तथाकथित समझोता यमुना भक्तों की मांग को कहीं दूर-दूर तक पूरा नहीं करता है। यमुना नदी को बचाने व देश को न्याय दिलाने के लिए जंतर मंतर पर आंदोलन शुरू किया है। यमुना मुक्ति के लिए अनशन …
Image
विदेशी शासकों की गुलामी से खतरनाक है अंग्रेजी भाषा की गुलामी
आखिर कब तक भारतीय जार्ज पंचम व उसके वंशजों की जय हे जय है करते रहेंगे ?
देश में अंग्रेजी की अनिवार्यता के विरोध व भारतीय भाषाओं में शिक्षा, रोजगार, सम्मान व न्याय दिलाने का संघर्ष  मात्र भाषा की लडाई नहीं अपितु  हम सभी भारतीयों की अपने स्वाभिमान व लोकशाही की है। अपनी भाषा के बिना व्यक्ति ही नहीं समाज व राष्ट्र भी गूंगा व गुलाम होता है। भाषा की गुलामी विदेशी शासकों की गुलामी से बदतर होता है। भाषा की गुलामी से व्यक्ति, समाज व राष्ट्र अपने संस्कृति, अपनी जमीन व अपने इतिहास से कट कर उसी बलात थोपी गयी भाषा की मूल संस्कृति का की अंधा गुलाम बन जाता है। इस प्रकार व न तो अपनी मूल संस्कृति से जुडा रहता है व नहीं वह उस बलात आत्मसात की गयी भाषा की संस्कृति का ही बन पाता है। उसकी स्थिति रंगे हुए सियार की तरह दयनीय हो जाती है।
जिस विदेशी तंत्र से मुक्ति के लिए हमारे लाखों देशवासियों ने अपनी शहादत देते हुए सैकडों सालों का संतत् संघर्ष किया था उस आजादी को एक बार फिर उसी फिरंगी गुलामी के स्वयंभू गुलामों ने अपनी संकीर्ण मानसिकता व स्वार्थ के …