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Monday, July 18, 2011

-महान गायक नरेन्द्र नेगी व भाजपा नेता जनरल रावत के भ्रष्टाचार के खिलाफ कूदने से प्रदेश की राजनीति में भूचाल

उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचारी निशंक सरकार के खिलाफ खुल जंग का ऐलान
--महान गायक नरेन्द्र नेगी व भाजपा नेता जनरल रावत के भ्रष्टाचार के खिलाफ कूदने से प्रदेश की राजनीति में भूचाल
भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम में मीडिया की शर्मनाक चुप्पी से जनता में मीडिया भी बेनकाब

देहरादून(प्याउ)। उत्तराखण्ड में निशंक सरकार के आकंठ भ्रष्टाचारों से त्रस्त्र उत्तराखण्ड की ंजनता को उस समय सुखद आशा की किरण दिखाई दी जब 17जुलाई 2012 को देहरादून में उत्तराखण्ड को भ्रष्टाचार से बचाने के िलए ‘ प्रदेश के अग्रणी लोकगायक नरेन्द्रसिंह नेगी, भाजपा नेता जनरल टीपीएस रावत, जनकवि अतुल शर्मा,सहित अग्रणी प्रबुध जनों ने संयुक्त रूप से खुले अभियान चलाने का संकल्प लिया। प्रदेश की जनता को उस समय हैरानी हुई कि प्रदेश की राजनीति में भूचाल लाने वाली इस प्रखर खबर को प्रदेश के अधिकांश मीडिया ने पूरी तरह से नजरांदाज कर दिया । इससे साफ हो गया कि प्रदेश में मीडिया जनहितों के साथ नहीं अपितु अपने निहित स्वार्थ के साथ है। इससे लोगों की यह धारणा और मजबूत हो गयी कि यहां का मीडिया सहित पूरा तंत्र आज जनता के साथ नहीं अपितु अपने निहित स्वार्थ के लिए प्रदेश की उस भ्रष्ट सरकार के साथ है जिसके भ्रष्टाचार से प्रदेश की जनता त्रस्त है।
उल्लेखनीय है कि 17जुलाई 2012 को देहरादून में राजन टडोरिया व चंदन सिंह राणा के नेतृत्व वाले ‘उत्तराखण्ड जनमंच ’ ने देहरादून में मधुवन के समीप रूलक ओडोटोरियम में ‘भ्रष्टाचार पर अपनी खुली मुहिम का शुभारंभ करते हुए प्रातः 11 बजे से सांय 7 बजे तक एक गहन सम्मेलन का आयोजन किया । इसको संबा े िधत करते हुए महान लोक गायक नरेन्द्रसिंह नेगी ने ‘प्रदेश की भ्रष्ट सरकार के मुखिया निशंक पर करारा प्रहार करते हुए उनको प्रदेश की भविष्य पर मठ्ठा डालने के लिए मुख्यमंत्री के पद पर आसीन करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद खंडूडी को दोषी ठहराते हुए, निशंक को उत्तराखण्ड की जनता के लिए मुख्यमंत्री के रूप में आभूषण देने का व्यंग कसा। वहीं भाजपा के पूर्व सांसद व वरिष्ठ नेता टीपीएस रावत ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे किसी भी सूरत में भ्रष्टाचार को सहन नहीं करेंगे चाहे उसकी कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पडे। उत्तराखण्ड की आम जनता के जनमानस को झकझोरने वाले नरेन्द्रसिंह नेगी व पूर्व सैनिक बाहुल्य प्रदेश में साफ छवि के दिग्गज जनरल तेजपाल के एक स्वर में प्रदेश में आसीन सरकार के भ्रष्टाचार पर खुले प्रहार से प्रदेश की राजनीति मे ं एक भूचाल आ गया है। भले ही प्रदेश सरकार के प्रबंधकों ने इस समाचार को किसी भी समाचार पत्र मे ं प्रमुखता से न आने देने में अपनी सफलता मान कर चैन की नींद सौ रहे हों परन्तु प्रदेश कीं जनता को इस खबर का भान होने से प्रदेश की जनता सड़कों पर उतरने व प्रदेश से भाजपा के इस भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए कमर कस चूकी है।
इस समारोह में नरेन्द्रसिंह नेगी ंके भ्रष्टाचार के गीतों ‘अब कत्या खोला’ व जाग जाग उत्तराखण्डियो... के कालजयी गीतों व कवि अतुल शर्मा के क्रांतिकारी गीतों की गूंज ंसे सभागार गूंजायमान हो गया। सभ् ाा में प्रोफेसर एन एस बिष्ट, प्रो. सकलानी, प्रो. प्रभात उप्रेती व प्रोफेसर आर पी नेगी सहित अनैक वरिष्ट प्रबुध जन उपस्थित थे । सभा को भाजपा के युवा नेता रघुवीर बिष्ट ने भी संबोधित किया। सभा में भाजपा के दायित्वधारी राजेन्द्र भण्डारी भी उपस्थित थे। सभा में ऐलान किया गया कि ऐसी जनसम्मेलन श्रीनगर, देहरादून सहित प्रदेश के हर बड़े शहर में करके प्रदेश की भ्रष्टाचार से रक्षा करने के लिए किया जायेगा। इस सभा के बारे में प्यारा उत्तराखण्ड से दूरभाष पर बातचीत करते हुए महान गायक नरेन्द्रसिंह नेगी ने प्रदेश की जनता व सामाजिक संगठनों से दलगत राजनीति से उपर उठ कर भ्रष्टाचार से उत्तराखण्ड की रक्षा करने के लिए आगे आने का खुला आवाहन किया।

3 comments:

  1. जनरल रावत पर आबकारी मंत्री रहते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं . यदि आरोप लगने मात्र से कोई भ्रष्टाचारी नहीं हो सकता तो निशंक कंहा से भ्रष्टाचारी हो गए. किसी भी न्यायालय में अभी तक उन पर लगाये जाने वाले आरोपों की पुष्टि नहीं हुई. निशंक जैसे जमीन से उठे इन्सान को सत्ता में रहने की कीमत इस रूप में चुकानी पड़ रही है. और रही बात नेगी जी की तो वे स्वयं सरकारी नौकरी में रहते हुए, सरकारी वेतन पर अपना स्वयं का कम करते रहे क्या ये भ्रष्टाचार नहीं है? सूचना विभाग में रहते हुए उन्होंने कितना सरकारी कम किया और कितना अपना ये तो उनके साथ कम करने वाले लोग जानते हैं.

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  2. दरअसल नेगीजी व टोदरिया, ममगाईं जैसे कई लोगों की सबसे बड़ी कुंठा ये है की कल का दीन हीन सा निशंक आज प्रदेश का मुखिया कैसे बन गया. जिस इन्सान को अपने सामने उन्होंने संघर्ष करते देखा है उसकी सफलता ये लोग पचा नहीं पा रहे और पचा भी लेते अगर वो उन्हें किसी पद पर बिठा देते . अच्छा हो की ये लोग ईर्ष्या की भावना छोड़ कर राज्य के विकास में उनका सहयोग करें.

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  3. rawat ji aap k likh hua lakh padaa dte to galat hai sab kuch galat hai aap to harish rawat ke ho fir kasay mainay ki jo likh hai wo sola anay sach hi hogaaaa vikes va barstchar 2012 mai mudda hogaaa jay ho

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