देश की जनता रोती है

देश की जनता रोती है
श्रीराम, राष्ट्र, जन, भाषादि मुद्दे भूले, भूले भारत माॅं की शान,
सत्तासीन होते ही इनको रहा केवल कुर्सी व अपना ही ध्यान
देश की जनता रोती रही, मंहगाई, भ्रष्टाचार से हो कर त्रस्त
अमेरिका की जय करते रहे मनमोहन हो या संघ प्रिय अटल
अमेरिका पाक के आतंकी रौंदते रहे संसद, मुम्बई सहित देश
अटल मनमोहन बढ़ाते रहे अमेरिका पाक से दोस्ती की पींग।।
देवसिंह रावत www.rawatdevsingh.blogspot.com

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