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Tuesday, December 27, 2011

-राहुल गांधी ने किया भाजपा के भ्रष्टाचारी व जातिवादी मुखोटे पर करारा प्रहार

-राहुल गांधी ने किया भाजपा के भ्रष्टाचारी व जातिवादी मुखोटे पर करारा प्रहार /
-राहुल गांधी के ‘आम जनता की नहीं वर्ग विशेष की  है भाजपा सरकार’के बयान से सहमी भाजपा/

 कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी द्वारा  23 दिसम्बर को  देहरादून में हुई देहरादून में आयोजित रैली में प्रदेश भाजपा सरकार को न केवल भ्रष्टाचारी बताया अपितु उसके जातिवादी व क्षेत्रवादी मुखोटे को आम जनता की नहीं अपितु वर्ग विशेष की सरकार बता कर प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी। हालांकि प्रदेश के अधिकांश समाचार पत्रों ने इस इशारे को समझ नहीं पाये, परन्तु राहुल गांधी ने प्रदेश की उस पीड़ित जनता की नब्ज पर हाथ रखा जो लम्बे समय से प्रदेश  भाजपा के जातिवादी, क्षेत्रवादी व भ्रष्टाचारी कुशासन से लम्बे समय से त्रस्त है। जिस प्रकार से प्रदेश भाजपा शासन में केवल जाति विशेष के लोगों को प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर महत्वपूर्ण मंत्रालय व शासन प्रशासन के महत्वपूर्ण पदों में आसीन तमाम विरोध के बाबजूद किया जा रहा है उससे प्रदेश का बहुसंख्यक वर्ग भाजपा से काफी आक्रोशित हे। इसी आक्रोश के कारण प्रदेश की जनता ने भाजपा को लोकसभा में सफाया किया था व अब जिस प्रकार से प्रदेश के भगत सिंह कोश्यारी, केदारसिंह फोनिया व मोहन सिंह ग्रामवासी जैसे ईमानदार व वरिष्ठ भाजपा नेताओं को दरकिनारे करके केवल निशंक व खंडूडी व उनके वर्ग के लोगों को भाजपा ने प्रदेश का शासन प्रशासन सोंपा है, उससे आज प्रदेश में भाजपा पर घोर जातिवादी होने के आरोपों को बल मिल रहा है। इसी के कारण हो रही उपेक्षा व कुशासन से व्यथित हो कर प्रदेश के पूर्व सांसद ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत, रतनसिंह गुनसोला व मुन्ना सिंह चैहान सहित कई भाजपा वरिष्ठ नेता  भाजपा का दामन छोड़ चूके है। हालांकि जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए भाजपा ने अपने चुनाव अभियान की कमान भी भगतसिंह कोश्यारी को सोंपी हुई है। वहीं राजनाथ सिंह को भी प्रदेश को चुनाव जीताने का भार सोंपा हुआ है परन्तु चुनाव जीतने पर फिर खंडूडी को ही कमान सोंपने का मन बना चूके है। प्रदेश की सत्ता की मात्र अपनों के लिए बंदरबांट करते हुए देख कर प्रदेश की आम जागरूक जनता लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव में भी सबक सिखाने के लिए मन बना चूकी है।
 राहुल गांधी की इस सफल रेली ने जहां उत्तराखण्ड प्रदेश में होने वाले विधानसभाई चुनाव के लिए कमर कसे हुए कांग्रेसियों में उत्साह भर दिया। वहीं  प्रदेश भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार व वर्ग विशेष की सरकार बता कर भाजपा में हडकंप ही मचा दिया। राहुल गांधी के बयानों व इस रेली में उमड़ी भीड़ ने फिर से प्रदेश की सत्ता में आरूढ़ होने की आश लगा कर चुनाव मेदान में उतरी हुई भाजपा में हड़कंप ही मचा दिया है। प्रदेश भाजपा के कुशासन से त्रस्त जनता की नब्ज पर हाथ रखते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने कहा कि  इस पर्वतीय राज्य में संसाधन के नाम पर तो सब कुछ है, लेकिन सरकार नाम की कोेई चीज नहीं ।  उन्होंने भाजपा की जातिवादी प्रवृति पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस एक विशेष वर्ग की सरकार नहीं बनाना चाहती है बल्कि आम जनता की सरकार बनाना चाहती है, जबकि बीजेपी एक विशेष वर्ग की सरकार बनाने की हिमायती है। कांग्रेस गरीबों, किसानों, मजदूरों और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करना चाहती है। अपने पिता राहुल गांधी का स्मरण करते हुए कांग्रेस के महासचिव राहुल ने कहा कि उनके पिता राजीव गांधी ने उन्हें देहरादून में इसलिए पढ़ने भेजा था क्योंकि यह पूरे देश में शिक्षा का सर्वोत्तम केंद्र है। देहरादून को अब अमेरिका और कैलिफोर्निया की यूनिवर्सिटी की टक्कर में खड़ा होना चाहिए, लेकिन यहां की सरकार को भ्रष्टाचार के मामले में होड़ करने से ही फुरसत नहीं है। उन्होंने भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आज यहां की सरकार कर्नाटक सरकार से भ्रष्टाचार के मामले में आगे रहने की होड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भ्रष्टाचार के आरोपी मुख्यमंत्री को जेल भेजा जाता है तो उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को बदलकर उसे प्रमोशन दे दिया जाता है। राहुल ने पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक का नाम लिए बिना कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाकर बीजेपी ने पार्टी में बड़ा ओहदा दे दिया क्योंकि यहां के पूर्व मुख्यमंत्री को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के कॉम्पिटिशन में आगे जो रहना था।  उन्होंने उत्तराखण्ड की प्रथम निर्वाचित सरकार को आम जनता की सरकार बताते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार को गरीबों, व्यापारियों, किसानों, मजदूरों और आम जनता ने बनाया, जिसके चलते प्रदेश में प्रगति की लहर आई। उन्होंने भाजपा के अटल सरकार के सुशासन के दावे को बेनकाब करते हुए कहा कि ये लोग अपने शासनकाल में वातानुकूलित कमरे में बैठकर इंडिया शाइनिंग की बात कर रहे थे। 5 साल सरकार चलाने के बावजूद वह किसी गांव में नहीं गए। गांव मंें बल्ब नहीं था और उनका कहना था कि इंडिया चमक रहा है। कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही सबसे पहले विकास को रोजगार से जोड़ा। कांग्रेस शासन में मनरेगा के तहत रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई।
राहुल गांधी ने सूचना के अधिकार को कांग्रेस की लोकशाही को मजबूत बनाने का एक अनुपम हथियार बताते हुए भाजपा पर प्रहार किया और कहा कि इसी कांग्रेसी पहल के कारण आज लोग सांसदों , नौकरशाहों और मंत्रियों को के घोटाले भी सूचना का अधिकार कानून से हासिल कर रहे है। इसी कारण आज अधिक घोटाले पकडे जा रहे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ही स्कूलों में भोजन की व्यवस्था की गई। अब केंद्र सरकार हर परिवार को कम से कम 35 किलो अनाज का अधिकार प्रदान करने के लिए कानून बनाने जा रही है। राहुल ने कहा कि अब एक ऐसा पहचान पत्र बनाया जाएगा , जिसका उपयोग लोग अपने अधिकार के लिए देश के किसी भाग में कर सकेंगे। इसी कार्ड के माध्यम से उनका पैसा उनके खाते में आ जाया करेगा। राहुल गांधी की इस रेली से जहां प्रदेश की भाजपा के कुशासन से पीड़ित जनता को साफ संदेश दिया कि वे प्रदेश में अगर विकास चाहते हैं तो भाजपा की वर्ग विशेष की सरकार को उखाड़ फेंके। देखना यह है कि कांग्रेस अगर प्रदेश की सत्ता में आसीन होती है तो वह भी इसी वर्ग विशेष को प्रदेश का ताज पहनाती है या प्रदेश में आम जनता का विकासोनुमुख व साफ छवि के नेता को प्रदेश की कमान सोंपते है। हालांकि प्रदेश की जनता को कांग्रेस ने तिवारी को प्रदेश की सत्ता सोंप कर विश्वासघात किया था।  जय श्रीकृष्ण

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