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Sunday, December 18, 2011

गो हत्या भारत ही नहीं मानवता के माथे पर भी कलंक हैः शंकराचार्य माधवाश्रम

गो हत्या भारत ही नहीं मानवता के माथे पर भी कलंक हैः शंकराचार्य माधवाश्रम/
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगतगुरू के शंकराचार्य पद पर आसीन होने के 18 वें वर्ष पूरे होने पर/
शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज का भव्य अभिनन्दन
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नई दिल्ली(प्याउ)। सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मार्थ पद शंकराचार्य के पद पर आसीन होने के 18 वें वर्ष पूर्ण होने पर ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज का 18 दिसम्बर को श्रीकृष्ण बोध धाम दिल्ली में भव्य अभिनन्दन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में संतो, बुद्विजीवियों, राजनेताओं व श्रद्वालुओं ने शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज की चरणवंदना कर उनका पावन आर्शीवाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने जहां शंकराचार्य माधवाश्रम जी के विराट जीवन को सादर नमन् किया वहीं सभी संतों व समाज  को महाराज जी के विराट जीवन से प्रेरणा ले कर समाज व राष्ट्र निर्माण के लिए धर्म का पथ आत्मसात करने का भी आवाहन किया। उपस्थित जनों को इस अवसर पर शंकराचार्य माधवाश्रम जी ने आशीर्वचन देते हुए गो रक्षा के लिए अपने आप को समर्पित करने का भी आवाहन किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि गो हत्या न केवल भारत अपितु पूरी मानवता के माथे पर बदनुमा कलंक है तथा इसको अविलम्ब बंद किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने देश की तमाम सरकारों की कड़ी भत्र्सना करते हुए जनता से गो रक्षा के लिए आगे आने का आवाहन भी किया। गौरतलब है कि शंकराचार्य का हिन्दू धर्म में सर्वोच्च धर्माध्यक्ष के रूप में वंदनीय है। शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज देश में स्वामी करपात्री के बाद गौहत्या बंदी आंदोलन के अग्रज ध्वज वाहक है। वे दशकों से इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हे। वे अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ के भी प्रमुख है।  प्रातः काल से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने दिल्ली सिविल लाइन्स स्थित शंकराचार्य आश्रम में पंहुचना प्रारम्भ कर दिया था। 18 दिसम्बर को शंकराचार्य के पद पर 18 वर्ष पूरे होने पर किये गये अभिनन्दन में सम्मलित होने वालो में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूडी, अखिल भारतीय शिव सेना के प्रमुख जय भगवान गोयल, भाजपा नेता उदय शर्मा, ज्योषीमठ से ब्रहमचारी इन्दुस्वरूप जी महाराज, हकीम आस मोहम्मद, शिव प्रसाद पुरोहित, डिमरी पंचायत के अध्यक्ष श्री डिमरी, एम के महाजन, प्रेम चंद गुप्ता, प्रमोद माहेश्वरी, केप्टन महेश कुमार, अशीष वशिष्ठ, डा गोविन्द बल्लभ पुरोहित, जय प्रकाश गुर्जर, कमीशनर बी एन शर्मा, प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक देवसिंह रावत, जगदीश भट्ट, विनोद नेगी, सहित अनैकों संत, गणमान्य लोग, बडे बुजुर्ग, महिलायें व बच्चे विधमान थें । इस समारोह के  आयोजन में अखिल भारतवर्षीय धर्मसंघ, धर्मसंघ महाविद्यालय, अखिल भारतीय सर्वदलीय गोरक्षा महाअभियान समिति, शंकराचार्य ट्रस्ट चण्डीगढ़, धर्मवीर दल, परशुरामेश्वर महादेव मंदिर समिति, अखिल भारतीय रामराज्य परिषद, जगद्गुरू शंकराचार्य ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी माधवाश्रम धर्मार्थ ट्रस्ट-चिकित्सालय कोटेश्वर रूद्र प्रयाग, ज्योतिष्पीठ समिति दिल्ली आदि प्रमुख संस्थाये सहयोगी थी। इसका आयोजन ज्यातिष्पीठ समिति , जगद्गुरू शंकराचार्य अभिनन्दन समारोह समिति द्वारा किया गया। इसमें प्रमुख यजमान श्रीमती शिल्पा, समीर, श्रुति एवं अरूणा नई दिल्ली तथा श्रीमती दीप्ति, विक्रम तथा माधवन् चण्डीगढ़ वाले थे।

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