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Wednesday, August 1, 2012


पुलिसिया दमन की आशंका से  अनशनकारियों का व्यापक गांधीवादी राष्ट्र व्यापी जनांदोलन का आवाहन 

केजरीवाल, मनीष व गोपाल राय को ही उठायेगी या पूरा आंदोलन ही जंतर मंतर से हटायेगी दिल्ली पुलिस ?

अभी लोगों के जहन में एक ही सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली पुलिस तीन अनशनकारियों के बिगडे स्वास्थ्य का बहाना बना कर अण्णा के आंदोलन का दमन करते हुए आज रात या कल रात को जंतर मंतर से आंदोलनकारियों को खदेड़ने का आत्मघाती कृत्य तो नहीं करेगी। हालांकि रामदेव के आंदोलन पर किये गये रामलीला मैदान में पुलिसिया दमन पर सर्वोच्च न्यायालय ने जो फटकार लगायी उसको देखते हुए नहीं लगता कि दिल्ली पुलिस फिर ऐसी भूल करेगी। परन्तु सत्तामद में मनमोहनी सरकार क्या कर दे किसी को भरोसा नहीं। लोगों में चर्चा इस बात की है कि पुलिस केवल अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसौदिया व गोपाल राय को जबरन अस्पताल ले जाने का काम करेगी या इन तीनों के बहाने अण्णा सहित पूरे आंदोलन को वहां से हटाने का आत्मघाती कार्य करेगी? यह तो चंद घंटों में इसका खुलाशा हो ही जायेगा। परन्तु जिस प्रकार जंतर मंतर की पुलिस बल ने घेराबंदी कर दी है उससे लगता है कि कभी भी पुलिस कार्यवाही हो सकती है।
दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर मंतर में 25 जुलाई से आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी अरविन्द केजरीवाल, गोपाल राय व मनीष सिसौदिया के बिगडे स्वास्थ का बहाना बना कर जबरन अस्पताल में दाखिल करने के लिए आज मध्य रात्रि में पुलिस कार्यवाही की आशंका लग रही है। इसी आशंका पर अपना विचार प्रकट करते हुए तीनों अनशनकारियों ने पुलिस को ऐसा करने से जहां आगाह किया वहीं अनशनकारियों के स्वास्थ्य पर करीबी से नजर रखे हुए चिकित्सकों के एक दल ने उन सभी का स्वास्थ सही बता कर पुलिसया कार्यवाही पर प्रश्न चिंन्ह लगा दिया है। जबरन पुलिस कार्यवाही की आशंका को देखते हुए आज तीनों आन्दोलनकारियों सहित किरण वेदी ने भी देश की आम अवाम से व्यापक जनांदोलन छेड़ने का आवाहन कर दिया है। आंदोलनकारी नेता केजरीवाल ने सभी देशवासियों से अपने अपने क्षेत्र के सांसदों, विधायकों आदि के आवासों पर शांतिपूर्ण धरना देने का आवाहन किया है। अभी सुत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने पुणे में हुए श्रंखलावद्ध बम धमाके के बाद सुरक्षा के नाम पर जंतर मंतर आंदोलनस्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस कार्यवाही पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के अनुसार पुलिस कभी भी रात को आंदोलनकारियों को सीधे अस्पताल ले जा सकती है। वहीं गोपाल राय ने चेतावनी दी कि अगर पुलिसिया दमन से आंदोलन को कुचलने का आत्मघाती कृत्य किया गया तो देश की जनता कुशासनों को राजनीति से उखाड़ फेंक देगी। वहीं आज मनीष सिसौदिया के भाषण के बाद उनके नन्हें से बेटे ने आंदोलन का सुन्दर गीत सुना कर सभी आंदोलनकारियों को भाव विभोर कर दिया। परन्तु स्थितिजन्य स्थितियों के अवलोकन करते हुए यह स्पष्ट लगता है कि पुलिस आज रात ही अनशनकारियों को उठा कर अस्पताल में दाखिल कर देगी। क्या अण्णा सहित तमाम अनशनकारियों को पुलिस वहां से जबरन उठायेगी यह देखने की बात है। परन्तु यह निश्चित लग रहा है कि पहले आज रात नहीं तो कल रात को पुलिस जरूर कार्यवाही करेगा। क्योंकि जिस प्रकार से आज दिल्ली पुलिस ने पत्र लिख कर अनशनकारियों से अविलम्ब अनशन तोड़ कर चिकित्सालय में भर्ती होने की अपील की।  दिल्ली पुलिस द्वारा आज 1 अगस्त को राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों की सलाह पर अण्णा हजारे टीम के अनशनकारी सदस्यों अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसोदिया व गोपाल राय को पत्र लिख कर उनके द्वारा  25 जुलाई से किया जा रहा अनशन के कारण बिगडते स्वास्थ्य पर चिंता प्रकट करते हुए उनसे अविलम्ब अनशन तोड़ते हुए चिकित्सालय में भर्ती होने की जरूरत बताया।

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