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Tuesday, October 18, 2011

-रामदेव, अण्णा व भाजपा ही नहीं कांग्रेसी भी डाल रहे हैं उत्तराखण्ड में कांग्रेसी जड़डो में मठ्ठा

हरियाणा सहित देष के कई भागों में हुए उपचुनावों मे ंमिली करारी हार से भले ही कांग्रेसी दिग्गज चिंतित हो परन्तु चंद माह बाद उत्तराखण्ड में हो रहे चुनाव में कांग्रेस की जड़ों में न केवल अण्णा, रामदेेव व भाजपा के साथ आत्मघाति कांग्रेसी रणनीतिकार भी मठ्ठा डालने का काम कर रहे है । प्रदेष मे ं विधानसभा चुनाव से पहले जहां भाजपा कांग्रेस को चक्रव्यूह में घेरने के लिए अपने मुख्यमंत्री से लेकर संगठन तक महत्वपूर्ण मजबूती दे रही हैं वहीं कांग्रेस में गुटबाजी कम होने के बजाय उसको हवा देने का काम किया जा रहा है । जहां भाजपा नेे प्रदेष के मुख्यमंत्री के पद पर निषंक को हटा कर उनसे बेहतर मजबूत लोक लुभावने का दम रखने वाले भ्ंाुवनचंद खंडूडी को आसीन करते हुए संगठन के महारथी पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोष्यारी को चुनाव अभियान समिति की कमान सौंप कर पुन्न सत्ता पर काबिज होने की मजबूत घेराबंदी कर दी है वहीं सत्ता पर काबिज होने के हसींन सपने देखने में आत्ममुग्ध कांग्रेस के रणनीतिकार अपने ही मजबूत क्षत्रपों को ही हाषिये में डालने में जुटी हुई है। प्रदेष के सबसे मजबूत जननेता हरीष रावत व उनके समर्थकों को प्रदेष कांग्रेस में हाषिये में डालने की आत्मघाति रणनीति से भाजपा खेमें में अपार हर्श दौड रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने डेढ़ वर्ष बाद पीसीसी की सूची जारी कर दी है, उसमें जिस प्रकार से चंद साल पहले विरोधी दलों से आये हवाई लोगों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया परन्तु प्रीतम सिंह, गोविन्दसिंह कुजवाल, पूर्वमंत्री महारा, किषोर उपाध्याय व रणजीत सिंह रावत जैसे कई बार से अपने विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिश्ठ कांग्रेसी क्षत्रपों को हाषिये में डाल कर चुनावी मुहाने में खड़ी कांग्रेस का प्रदेष कांग्रेस के रणनीतिकारों ने कौन सा हित किया यह तो आला कमान ही जाने। नई कार्यकारणी में प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के अलावा उपाध्यक्ष पद पर छह, महासचिव पद पर आठ, कोषाध्यक्ष पद पर एक और कार्यकारिणी समिति में 15 सदस्यों को मनोनीत किया है। इसके अलावा 17 आमंत्रित सदस्य और अनुशासन समिति में पांच सदस्यों को नामित किया गया है। उपाध्यक्ष पद पर महेन्द्र पाल सिंह, राम शरण नौटियाल, शांति जुवांठा, सुबोध उनियाल, फुरकान अहमद व रविन्द्र सिंह बिष्ट को शामिल किया गया है। महासचिव पद पर वीरेन्द्र सिंह बिष्ट, मयूख महर, संतोष कश्यप, मंत्री प्रसाद नैथानी, केदार सिंह रावत, प्रयाग दत्त भट्ट, राजपाल खरोला व विजय सारस्वत को नामित किया है। कार्यकारिणी में डा. हरक सिंह रावत, डा. अनुसूइया प्रसाद मैखुरी, योगेन्द्र खंडूड़ी, धर्मपाल अग्रवाल, राम प्रसाद टम्टा, जया बिष्ट, सुरेन्द्र कुमार अग्रवाल, लाल चंद शर्मा, मौलाना जाहिद रजा रिजवी, किरन डालाकोटी, राकेश चंदोला, राव फारुख, अनिता वशिष्ठ, मनोरमा शर्मा डोबरियाल, सुंदरलाल मोयाल को नामित किया है। इसके साथ ही आमंत्रित सदस्यों में शूरवीर सिंह सजवाण, सुरेन्द्र सिंह नेगी, हीरा सिंह बिष्ट, तिलक राज बेहड़, इंदिरा ह्दयेश, आजम नवाज खान, साधू राम, संजय पालीवाल, मदन बिष्ट, कुंवर सिंह नेगी, शंकर चन्द्र रमोला, ले. जनरल गंभीर सिंह नेगी, मेजर जनरल जेसी पंत, इकबाल भारती, प्रकाश जोशी, राजीव जैन को शामिल किया गया है। इसके अलावा अनुशासन समिति में नरेन्द्र सिंह भंडारी, धीरेन्द्र प्रताप, भूपेन्द्र लिंगवाल, राजेन्द्र सिंह कनवाल, निर्मला शर्मा को शामिल किया गया है। ब्रह्मस्वरूप ब्रताचारी को फिर से कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। मुख्यमंत्री बनने के लिए एक दूसरे को मात दे कर धूल चटाने में लगे कांग्रेसी दिग्गजो के इस आत्मघाति खेल से प्रदेष को भ्रश्टाचार की गर्त में धकेल चूकी भाजपा को सबक सिखाने की जनता की आषाओं पर ग्रहण लग सकता है।

1 comment:

  1. Nice Rawat jee aapki baat baat ku mi purn samrthan kardu par dekhne wali baat ya cha ki kwi in bhi ni cha jai par pradesh ki janta ko purna vishwash ho jakh tak aap dyakha hamara garhwal ki rajniti jaati (Brahman chatriya ya anya) Bhai bhatija bad wali cha ai ma kai imaandar aadmi ku chuno honu muskil cha kileki hamara log choti si bhent maa bhi apnu bhot bika dinda.

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