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Saturday, October 20, 2012


देश की अगली प्रधानमंत्री हो सकती है ममता बनर्जी

-ममता के आगे बौने पडे मुलायम, नीतीश सहित सभी नेता

-विपक्षी नहीं भाजपा के नेता है मोदी की राह के सबसे बडे  रोडे 

‘ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंखों में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्वानी ’ के गीत को गा कर संसद की चैखट राष्ट्रीय धरना स्थल जंतर मंतर से हुंकार भरते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री व देश की आम अवाम की रहनुमा बन चूकी ममता बनर्जी ने देश की आम जनता को मंहगाई, कुशासन व भ्रष्टाचार से खून के आंसुओं से रोने के लिए विवश करने वाले कांग्रेस गठबंधन वाली सप्रंग की मनमोहनी सरकार को धिक्कारते हुए कहा कि जब तक उसके शरीर में प्राण है वह देश की रक्षा के लिए जेल जाने व गोली खाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने मनमोहन सरकार को बेनकाब करते हुए कहा कि देश में विकास व आर्थिक सुधारों के नाम पर मनमोहन सरकार देश को लुटवा रही है । आम आदमी का जीना दूश्वार कर रही है और मैं और मेरी पार्टी किसी भी कीमत पर देश को लूटने नहीं देगे। बंगाल में जनशाही के नाम पर विगत 3 दशक से कुण्डली जमा कर वहां के विकास को कुंद किये हुए वाममोर्चे की सरकार को उखाड फेंकने का ऐतिहासिक काम करने वाली ममता बनर्जी ने बंगाल में अपनी तृणमूल सरकार का ताज पहन कर अमेरिका सहित पूरे विश्व समुदाय को अचम्भित कर दिया था। सप्रंग सरकार की साझेदार होने के बाबजूद जिस प्रकार से ममता बनर्जी ने मंहगाई व मनमोहन सरकार के अन्य जनविरोधी नीतियों पर अंकुश रखा उससे देश के लोगों में उसका कद एक मजबूत व जनहितों के लिए संघर्ष करने वाली नेता के रूप में राष्ट्रीय नेतृत्व के रूप में मजबूती से स्थापित हो गया है।
जिस मनमोहनी सरकार ने मंहगाई, भ्रष्टाचार व आंतकवाद के आगे शर्मनाक समर्पण के कारण लोगों का जीना दूश्वार करके पूरे विश्व में भारत को जगहंसाई का पात्र बना दिया है, उस मनमोहनी सरकार से देश को मुक्ति दिलााने के लिए जब आडवाणी, मुलायम, माया, नीतीश सहित तमाम नेता बौने साबित होने लगे तो उस ऐतिहासिक घड़ी में केन्द्र सरकार से अपने छह मंत्रियों का इस्तीफा दे कर व समर्थन वापस ले कर दिल्ली की सत्ता को बेनकाब करने का ऐतिहासिक कार्य किया, उससे देश की जनता की नजरों में ममता बनर्जी का कद सत्तालोलुप मुलायम सिंह, मायावती, नीतीश कुमार आदि के सामने विराट हो गया। देश की जनता पर जब मनमोहन सरकार अपने कुशासन से न केवल प्रहार कर रहा था अपितु देश के हितों को अमेरिका के आगे एफडीआई ला कर समर्पण करने की धृष्ठता कर रहा था उस समय मुलायम का दोहरा पन, नीतीश का ढुलमूल पन, माया का अवसरवाद, द्रुमुक का अनिर्णय ने जहां देश की जनता को निराश किया वहीं ममता ने दिल्ली की सत्ता को ठोकर मार कर मनमोहन सरकार से न केवल अपने छह मंत्री हटा लिये अपितु इस सरकार को देश के हितों से खिलवाड करने का आरोप लगा कर इससे सम्बंध ही तोड़ ने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यही निर्णय देश की जनता का विश्वास जीत गया। इसी जनभावना को पढ़ कर एनडीए के संयोजक शरद यादव ने  ममता को महान नेत्री बताया और आशा प्रकट की कि देश को यही नेतृत्व मनमोहन के कुशासन से मुक्ति दिलायेगा और देश को विकास के पथ पर अग्रसर करेगा। इस रेली में ममता ने हुंकार भरते हुए कहा कि वह विकास के नाम पर देश को लुटवा अविश्वास प्रस्ताव लाने को तैयार ममता है। शरद यादव कबीर को याद करते हुए कहा कि ममता ही वर्तमान नेताओं में ऐसी नेता है जिसके जीवन पर एक जरा सा भी दाग नहीं है। शरद यादव ने ममता बनर्जी को बंगाल की ही नहीं देश की शेरनी बताया और कहा कि उनकी बगावत इतिहास में दर्ज हो गई है।मनमोहन सिंह की सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी खामोश नहीं बैठीं. उन्होंने कोलकाता में सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और अब इस लड़ाई को वो दिल्ली ले आई हैं.।
तृणमूल काँग्रेस की नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि सरकार लोगों के हितों को बेच कर वॉलमार्ट के लिए काम कर रही है.
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर अपने भाषण में उन्होंने कहा कि सरकार के हाल के फैसले छोटे-बड़े दुकानदारों और किसानों से लेकर आम आदमी के खिलाफ हैं.
ममता ने कहा, सरकार देश को बेच रही है लेकिन वो यह नहीं जानती कि जो सरकार देश को बेचती है जनता उसे बेच देती है.।
इस अवसर पर व्यापारियों व किसानों द्वारा ममता के इस ऐतिहासिक योगदान के लिए उसको चांदी का मुकुट पहनाने का जब ऐलान किया तो ममता ने उस मुकुट को खुद न पहन कर एक गरीब आदमी को पहना कर जो महान संदेश दिया कि उसको मुकुट, सम्पति नहीं देश के आम आदमी से प्यार है। उसके इस संदेश ने भी उसके व्यक्तित्व पर चार चांद लगाया। ममता सादगी व जनहितों के लिए समर्पित नेत्री है। वह देश के वर्तमान नेताओं में अपने विराट व्यक्तित्व के कारण आज सिरमोैर बनी हुए है। देश की जनता उसको देश को नया नेतृत्व देने के लिए आगे आने का इंतजार कर रही है और ममता ने दिल्ली में हुंकार भर कर व देशव्यापी आंदोलन का नेतृत्व करने का ऐलान करके जनता का दिल जीत लिया। देश ऐसे महान नेत्री को शतः शतः नमन करता है।

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