लूटरे बन गये है हुक्मरान

लूटरे बन गये है हुक्मरान
लोक तंत्र में लूटरे बन गये है हुक्मरान
जनता का हक मार कर बने हुए महान।
जनता का कर दिया जीना इन्होंने हराम
नेता व नौकरषाह के भेश में घुसे है षैतान।
धर्म व समाजसेवा के यही बने है भगवान
आम आदमी कैसे जीये, मंहगाई से परेषान।
नेता केवल चुनाव के समय दिखे इंसान
चुनाव जीतकर देष का रखे न कभी ध्यान।
कुर्सी व अपनी तिजोरी ही होती इनकी प्राण
लोकषाही आज बन गयी लूटेरों की जान।
-देवसिंह रावत
 www.rawatdevsingh.blogspot.com

Comments

Popular posts from this blog

>भारत रत्न, अच्चुत सामंत से प्रेरणा ले समाज व सरकार