विहार में एक हेक्टर में 22.4 टन धान पैदा कर साधारण किसान ने बनाया विश्व रिकार्ड
पटना, मार्च 28 (प्याउ)।
बिहार के नालंदा जिले के दरवेशपुरा गांव के एक किसान सुमंत कुमार के खेत में एक हेक्टयर में 22.4 टन धान पैदा करके विश्व रिकार्ड बना कर कृषि वैज्ञानिकों को भी आश्चर्य में डाल दिया है। इस की भनक लगते है पूरे विश्व के कृषि वैज्ञानिकों , स्वयं सेवी संस्थाओं और मीडिया का जमघट इस किसान के खेत में लग गया है। इसके बारे में सबसे पहले विश्व जगत को जानकारी देते हुए ब्रिट्रेन के 160 पुराने प्रतिष्ठित समाजचार पत्र गार्डियन ने एक लेख में कहा गया था कि बिहार के नांलदा जिले के दरवेशपुरा गांव में एक किसान के खेत में उतनी धान पैदा हुई जितनी इससे पहले दुनिया भर में कहीं नहीं हुई थी। बीबीसी के अनुसार इस लेख में गार्डियन के पर्यावरण संपादक जॉन विडाल ने लिखा है कि किसान सुमंत कुमार के खेत में एक हेक्टयर में 22.4 टन की दर से हुई उपज उन तीन अरब से अधिक लोगों के लिए श्बहुत बड़ी खबर है। जिनका मुख्य भोजन चावल है.। यह खबर भले ही भारत की राजधानी दिल्ली के तथाकथित बुद्धिजीवियों के बीच चर्चा की खबर भले ही न  बन पायी हो परन्तु दरवेशपुरा गांव इन दिनों विश्व भर के  कृषि वैज्ञानिकों, स्वंयसेवी संस्थाओं और मिडिया का तीर्थ बन गया है। इस चमत्कार को साकार करने वाले किसान सुमंत से मिलने अमेरिका ही नहीं चीन व नीदरलैंड्स सहित दुनिया भर के लोग पंहुच रहे है। इससे पहले धान का प्रति हेक्टयर विश्व रिकार्ड चीन के किसान यूअन लोगपिन के नाम 19.4 टन प्रति हेक्टर का था। गत वर्ष सुमंत ने 13.-14 टन प्रति हेक्टर का धान उत्पादन किया था। 
बीबीसी के अनुसार अपनी उपज के प्रति विश्व भर के लोगों की इस भारी उत्सुकता को देख कर जहां साधारण किसान सुमंत कुमार अचंभित है वहीं पूरा गांव ही नहीं क्षेत्र के लोग भी यहां आने वाले लोगों की जमघट को किसी अजूबे से कम नहीं मान रहे हैं। खुद किसान व इस क्षेत्र के लोगों को यह जान कर हैरानी है कि दुनिया में धान और आलू का कोई रिकॉर्ड भी होता हैं। सामान्य से अतिविशिष्ट बने यह किसान की किस्मत व मेहनत को क्षेत्र के लोग मुक्त कंठ से सराहना करके इसे कुदरत का खेल ही बता रहे है। वहीं प्रति हैक्टयर 72.9 टन आलू का भी रिकार्ड तोड़ उत्पादन करके लोगों का ध्यान बरबस भ्रष्टाचार में बर्बाद हो चूके बिहार की तरफ आकृष्ठ करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। 

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