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Tuesday, August 2, 2011

-निशंक के कुशासन के खिलाफ भाजपा में भारी असंतोष से भाजपा नेतृत्व में बैचेनी

-निशंक के कुशासन के खिला

फ भाजपा में भारी असंतोष से भाजपा नेतृत्व में बैचेनी
नई दिल्ली। प्यारा उत्तराखण्ड
कर्नाटक में भ्रष्टाचार में पफंसी भाजपा की सरकार के शर्मनाक पतन प्रकरण से अभी भाजपा नेतृत्व उबर भी नहीं पाया कि उत्तराखण्ड में आसीन भाजपा सरकार के मुखिया निशंक सरकार के कुशासन के खिलाफ पार्टी में ही व्यापक असंतोष की खबरों ने भाजपा मठाध्ीशों की नींद उडा दी। खासकर भाजपा नेतृत्व इन विश्वसनीय खबरों से भौचंक्का है कि उत्तराखण्ड भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भ्रष्टाचार के खिलापफ प्रदेश व्यापी खुली जंग का ऐलान करने का मन बना चुके है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलापफ इस ऐलान का नेतृत्व कोई और नहीं अपितु भाजपा के पूर्व सांसद रहे ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत कर रहे है। ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत जो प्रदेश के पूर्व मंत्राी के रूप में पूर्व सैनिक प्रधन इस राज्य के लाखों पूर्व सैनिकों व आम जनता में अपनी अच्छी खासी पकड़ बना चूक है। उनके साथ भाजपा के कई नामी नेताओं के अलावा प्रदेश के सबसे बड़े लोक गायक नरेन्द्रसिंह नेगी, कई पूर्व सैनिक उच्चाध्किारी, समाजसेवी व राज्य गठन जनांदोलन के कई प्रमुख आंदोलनकारी इस भ्रष्टाचार के खिलापफ छेड़े जाने वाले ऐतिहासिक जंग में सम्मलित होने का मन बना चूके है। इस मोर्चे की बनने की खबर ने पूरे प्रदेश की राजनीति में उथल पुथल सी मचा दी है। एक तरपफ भाजपा व कांग्रेस के कुशासन तथा उक्रांद की दिशाहीनता से त्रास्त प्रदेश की जनता बहुत ही बेसब्री से तीसरे विकल्प की इंतजारी में पलके बिछाई हुई है। वह इस तीसरे विकल्प की दिशा की तरपफ बढ़ रहे इस ‘उत्तराखण्ड बचाओं मोर्चा ’ को खुले स्वागत के लिए तैयार है। ऐसे में जब प्रदेश के लोग प्रदेश के संसाध्नों की खुली लूट खसोट व गैर उत्तराखण्डियों के बढ़ते हुए दखल को देखते हुए जनता प्रदेश की निशंक सरकार को भी पूर्ववर्ती तिवारी सरकार की तरह जल्द ही मुक्ति चाहती है। इस दिशा में वह किसी भी मजबूत संभावित राजनैतिक विकल्प का स्वागत करने के लिए तत्पर है, जिसमें जरा सी भी राजनैतिक सुझबुझ व उत्तराखण्डी हितों का भान हो।
गौरतलब है कि भाजपा के दो वरिष्ठ जननेता पूर्व मुख्यमंत्राी भुवनचंद खंडूडी व भगतसिंह कोश्यारी वर्तमान मुख्यमंत्राी रमेश पोखरियाल सरकार के भ्रष्टाचार के कृत्यों से लम्बे समय से संतुष्ट है। वे दिल्ली दरवार में कई बार अपनी वेदना प्रकट कर चूके हैं । भाजपा के दोनों वरिष्ट नेता ही नहीं प्रदेश की आम जनता यह देख कर हैरान है कि सटर्जिया सहित कई भ्रष्टाचारों में पूरी तरह से घिर चूकी उत्तराखण्ड सरकार के मुखिया रमेश पोखरियाल को तलब करने के बजाय केन्द्रीय नेतृत्व न जाने किस लोभ में उनको शर्मनाक संरक्षण देने को उतारू है। यहां स्थिति कर्नाटक से शर्मनाक होने के बाबजूद शायद भाजपा नेतृत्व कर्नाटक सी पफजीहत होने देने का इंतजार कर रहे हैं।
हालांकि भाजपा नेतृत्व प्रदेश में समय समय पर उभर रहे असंतोष को दबाने के लिए जुटा रहता है। परन्तु उनके दवाब के बाबजूद प्रदेश भाजपा के नेतृत्व को आम जनता तो रही दूर प्रदेश का भाजपा के नेता ही स्वीकार नहीं कर पा रहे है। हालत यह है कि तमाम दवाब के बाबजूद निशंक के साथ खड़े होने में खडंूडी व कोश्यारी ही नहीं केदारसिंह पफोनिया व मोहनसिंह ग्रामवासी भी अपने आप को सहज नहीं पा रहे है। यहीं नहीं जिस प्रकार से प्रदेश की राजनीति में भाजपा नेतृत्व पर सामाजिक सौहार्द के लिए विख्यात उत्तराखण्ड में जातिवादी संकीर्ण राजनीति करने का आरोपों में अब जनता को सच्च सा लग रहा है।

2 comments:

  1. Either all ministers and bjp netas got their shares or no share. Now who will be next ? Narain Dutt Tiwari, corrupt, and father of ......!!!

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  2. CHOR CHOR MOUSERE bHAI....
    KYA BJP KYA CONGRESS (I)...
    CHOR CHOR MIL JAYEN TO PAHRA KOUN DEVE...
    SAB EK THALI KE CHATTE BATTE....

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