Pages

Friday, September 16, 2011

सूरज की किरण का संदेष



सूरज की किरने कहती हैं
ंआओ ओर मुस्कराओ
जीवन को धन्य कर लो,
मिल कर प्रेम बढ़ाओ।
जीवन में हर पल मुस्करा कर
जीवन खुषहाल बनाओ
इक पल इस जीवन से अपने
मातृभूमि के हित में भी बिताओ
-देवसिंह रावत 17ं सितम्बर 2011 सुबह की 10. 30

No comments:

Post a Comment