भारत को लूटने वाले खुद लुट पीट कर जायेंगे सदा।।


क्यो परेशान हो साथी , क्या नेता रावण से कम दिखते तुम्हे
लंका नहीं, अब तो रावण  संसद ही नहीं हर घर में बसते है। 
ताडिका, सूर्पनखा व शिखण्डी ही अब भाग्य विधाता बने हैं।
जेबकतरे भी देखो आज यहां ईमानदार पहरेदार बने हुए हैं। 
पर सत्तांध इन दुर्योधनो, कंसों, रावणों को कोई तो बता दे
लंका ढहती है जरूर एक दिन, खुद रावण के ही पापों से 
बेनकाब होते हैं यहां पर जयचंद जेबकतरे कालनेमी सदा।
लूटेरे व लूटेरों के दलालों को नसीहत है यही मेरी साथी
महाकाल यहां देख रहा है हर पल पाप पाखण्ड तुम्हारे।
भारत को लूटने वाले खुद लुट पीट कर जायेंगे सदा।।
-देवसिंह रावत 

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