वेलेन्टाइन डे के नाम पर व्यापार हो गया है प्रेम,


वेलेन्टाइन डे के नाम पर व्यापार हो गया है प्रेम,
इस व्यापार से बढा हिंसा छेड़छाड  बलात्कार ।।
जग मदिरा का गटर बन कर सजा देह बाजार
नारी जग में बन गयी आज क्यों इतनी लाचार।।
हिंसा व दुराचार से हो गयी सारी दुनिया त्रस्त
अपराधियों का संरक्षक क्यो बन गया है तन्त्र ?
दानवों के इस व्यापार से कराह रहा यह संसार
अश्लीलता के इस व्यापार को बढ़ा रही सरकार।।
दुराचार की इस आंधी में बदनाम हो गया है प्रेम
शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार से वंचित जग है त्रस्त।।
सत्तांध दुशासन चंगेज यहां हैं वेलेन्टाइन में मस्त
पावन पवित्र प्रेम का गलघोंट दिया है क्यों सर्वत्र?
वेलेन्टाइन डे को फिर क्यों बढावा दे रही सरकार
इससे फैल रहा है हिंसा, व्यभिचार का ही व्यापार।।
यौन शिक्षा के नाम से दुषित होगे अबोद्य नौनिहाल
नैतिकता का गला घोंट रही मूर्ख बेलेन्टाइनी सरकार।।
अराजकता के गर्त में देश को धकेल रही हैं सरकार
बेलन्टाइनी व्यापार से क्यों नरक बना रही  संसार।।

-देवसिंह रावत
(14 फरवरी2013  वेलेन्टाइन -प्रातः 10.05 बजे श्रीकृष्ण चरणों में सादर समर्पित )





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