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Sunday, February 10, 2013


उप्र सरकार व रेलवे की लापरवाही से हुआ कुम्भ में रेलवे स्टेशन हादसा

रेल मंत्री व उप्र के कुम्भ प्रबंध मंत्री दें तत्काल इस्तीफा


रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्घटना में 36 मरे 50 से अधिक घायल



इलाहाबाद(प्याउ)। इलाहाबाद पावन कुम्भ के दूसरे बडे शाही स्नान मौनी आमावस्या के दिन स्नान करने के बाद रेलवे व प्रशासन की लापरवाही से रेलवे स्टेशन की 5 व 6 नम्बर प्लेटफार्म पर हुई दुर्घटना में 16 महिलाओं सहित 36 श्रद्धालु मारे  गये व 31 घायल हो गये। हालांकि प्रशासन प्रत्यक्ष दर्शी के दावे को गलत बता रहा है कि यह दुर्घटना पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करने के कारण अपने घरों को लोट रहे श्रद्धालुओं  में मची भगदड़ के कारण मची । उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी इस दुर्घटना का टिकरा रेलवे के सर फोड़ रही है। कुल मिला कर इस दुर्घटना में प्रशासन व रेलवे दोनों की लापरवाही का खमियाजा आम जनता को अपनी जान से चूकाना पडा। इस प्रकरण से साफ हो गया कि न तो प्रशासन व नहीं रेलवे दोनों ने कुभ मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के लिए किये गये तमाम प्रबंधों की पोल खोल दी है। उप्र सरकार व रेलवे के कुम्भ के लिए किये गये तमाम प्रबंधों की पोल उस समय खुल गयी जब इस दुर्घटना के कई समय बाद भी प्रशासन व रेलवे राहत कार्य भी समुचित ढ़ग से शुरू तक नहीं कर पाये। हादसे के बाद सेकडों लोग अपनो से बिछुड गये, कई अकाल मौत के शिकार हो गये। परन्तु जिनके कंधों में इसकी जिम्मेदारी थी वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह करने के बजाय एक दूसरे को इस काण्ड का दोषी ठहरा रहे थे। इस काण्ड के लिए रेल मंत्री ही नहीं प्रदेश के कुम्भ मेले आयोजन समिति से जुडे मंत्री को भी तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। अपनी बेनकाबी को ढकने के लिए हालांकि उप्र सरकार ने इस दुर्घटना में मारे गये श्रद्धालुओं के परिजनों को 5-5 लाख व घायलों को 1-1 लाख रूपये का मुआवजा देने का ऐलान किया। वहीं प्रधानमंत्री राहत कोष से भी इस दुर्घटना पर राहत देने का ऐलान किया। वहीं इस दुर्घटना पर अपनी जिम्मेदारी को स्वीकार करने का साहस तक न कर पाने वाले देश के रेलमंत्री पवन कुमार बंसल ने सफाई कि  रेलवे ने कुंभ के मद्देनजर अपनी तरफ से संभावित भीड़ के मुताबिक पर्याप्त इंतजाम किए थे। इसके तहत 1800 बोगियां विभिन्न ट्रेनों में लगाई गई। रोजना 112 ट्रेनों का परिचालन किया गया। रविवार 10 फरवरी को भी हादसा होने तक इलाहाबाद से 50 विशेष गाडि़यां चलाई जा चुकी थीं, लेकिन मौनी अमावस्या पर अनुमान से ज्यादा लोगों के पहुंचने से संभवतरू भगदड़ मच गई। उन्होंने कहा कि यह वक्त किसी को दोष देने का नहीं है, न कारणों पर जाने का बल्कि यह समय हालात को काबू करने का है। इस वक्त उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक इलाहाबाद में आपात बैठक कर ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलाने की कोशिश में लगे हुए हैं। एक तरफ प्लेट फार्म 6 की रेलिंग टूटने को इस हादसे का कारण बताया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ पुलिस द्वारा लाठी चार्ज होने के कारण मची भगदड़ को इसका कारण बताया जा रहा है। कारण जो भी हो परन्तु साफ हो गया कि न तो स्थानिय प्रशासन व नहीं रेलवे ने कुम्भ मेले में आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए उचित प्रबंध तक नहीं किये थे।

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