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Friday, February 8, 2013


जलविहार की दामिनी काण्ड के विरोध में  जंतर मंतर पर प्रदर्शन 


नई दिल्ली (प्याउ)। दिल्ली के लाजपत नगर के समीप जलविहार में 3 फरवरी की रात को 17 वर्षीया बहादूर दामिनी को बलात्कार का शिकार बनाने में असफल रहने पर हैवान दरिंदे ने दामिनी के मुंह में राड़ डाल कर प्राणाघात हमला करने वाली घटना के विरोध में उत्तराखण्ड जनमोर्चा सहित अनैक संगठनों ने संसद की चैखट पर धरना प्रदर्शन करके राष्ट्रपति महोदय को इस काण्ड के दोषी को कड़ी सजा देने व पीडि़त परिवार को संरक्षण देने की मांग की।
जलविहार की दामिनी प्रकरण पर आक्रोश प्रदर्शन का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य गठन के अग्रणी संगठन ‘उत्तराखण्ड जनमोर्चा’ ने किया। उत्तराखण्ड जनमोर्चा के बेनरतले बड़ी संख्या में महिलाओं सहित उत्तराखण्डी समाज ने इस प्रदर्शन में भाग लिया।
इस अवसर पर आयोजित धरने को संबोधित करते हुए जनमोर्चा के अध्यक्ष रविन्द्र बिष्ट ने बताया कि इस काण्ड में बुरी तरह से घायल पीडि़ता का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा है। वहीं पीडि़ता की गरीब व असहाय माॅं इन क्षेत्र के दंबंग दरिंदों की धमकियों के बीच केसे समाज की मजबूत सहयोग के बिना कैसे यह संघर्ष कर पायेगी। इसलिए समाज को आगे बढ़ कर न केवल इस पीडित परिवार का साथ देना चाहिए इसके साथ इस प्रकार के तमाम दरिंदों को कठोर सजा दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करना चाहिए।
जंतर मंतर पर दोहपर बाद पंहुचे जलविहार की दामिनी प्रकरण पर विरोध प्रकट करने पंहुचे उत्तराखण्ड जनमोर्चा के आंदोलनकारियों ने जंतर मंतर पर एक विरोध सभा का आयोजन भी किया। इसका संचालन मोर्चा के महासचिव सुरेशानन्द बसलियाल ने किया। सभा को संबोधित करने वालों में मोर्चा के अध्यक्ष रवीन्द्र बिष्ट के अलावा पूर्व अध्यक्ष हर्षबर्धन खण्डूडी, प्रभाकर पोखरियाल, समाजसेवी सुनील पोखरियाल, भारत सरकार के पूर्व अण्डर सेक्रेटरी रामचंद्र आर्य, उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष देवसिंह रावत, रजनीश शाह व श्रीमती संयोगिता ध्यानी ने संबोधित किया। सभा में उपस्थित वरिष्ट समाजसेवियों में सदानन्द नौनी, बृजमोहन सेमवाल, दलवीर रावत, वरिष्ठ पत्रकार विजेन्द्र रावत, उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा के महासचिव जगदीश भट्ट, समाजसेवी विक्रम रावत, पत्रकार गिरीश बलूनी, समाजसेवी  जोशी, माधोसिंह रावत, पार्वती देवी, चन्द्रशेखर जोशी, पुरूषोत्तम चैनियाल, हुक्मसिंह कण्डारी, गुमानसिंह रावत, भगवत प्रसाद सुयाल, डीपी गैरोला, बिमला रावत, सुमन रावत, रंजना रावत, उर्मिला बिष्ट, शांति नेगी, जानकी रावत, ठाकुर सिंह रावत, पुष्पा नेगी, विमला रावत, सुनीता रावत, विद्या रमोला, सरिता, धमनसिंह नेगी, शिवराज सिंह नेगी, शिशुपाल सिंह, सावित्री चैनियाल, राम स्वरूप, गायत्री देवी, जयश्री देवी, सुमित्रा देवी, मंजू देवी, मातवरी देवी , सत्याभामा, इन्द्रा देवी, महावीर नैनवाल, जगदीश प्रसाद सत्ती, सीता देवी, कमला देवी, सम्पति देवी, बसंती देवी, आनन्द, आजाद खान, व गाजी नरूलहसन आदि उपस्थित थे।
इसके बाद जलविहार दामिनी प्रकरण के विरोध में आये आन्दोलनकारी जंतर मंतर पर 24 दिसम्बर से निरंतर दामिनी प्रकरण पर न्याय की गुहार लगाने वाले ‘16 दिसम्बर क्रांति’ स्थल पर जा कर वहां के आंदोलनकारियों के साथ मिल कर यहां पर हर दिन होने वाले सांयकालीन मौमबत्ती ज्योति प्रर्दशन में भाग ले कर दामिनी को अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित की।

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