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Thursday, February 7, 2013



दिल्ली पुलिस की चैकसी से बची युवती की जान  व बलात्कारी पकडे गये 


दिल्ली में ताडबतोड़ बलात्कार की घटना से जहां आम नागरिक ही नहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री भी दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा रही है। लोग बढ़ते हुए अपराध के लिए दिल्ली पुलिस को गुनाहगार मान रहे है। परन्तु इन्हीं आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस ने इसी बुधवार 6 फरवरी की रात को स्वरूपनगर दिल्ली से चार बलात्कारियों को दबोच कर उसमें अगुवा की गयी 24 वर्षीया लडकी को बुराड़ी बचाने की सफलता हासिल की। पुलिस की इस सराहनीय कार्य से न केवल चारों बलात्कारी अपराधी दबोचे गये इससे अधिक इसमें अगुवा की गयी 24 वर्षीया लडकी की जान भी बच गयी। अगर पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) काले शीशे लगे इस कार का पीछा नहीं करती तो न तो चारों अपराधी पकडे जाते व नहीं लडकी की जान ही बच पाती।
दिल्ली पुलिस के चाहिए की ऐसे जांबाज पुलिस वालों को बहादूरी का इनाम दे जिन्होने बुधवार की मध्य रात को बुराडी क्षेत्र में काले रंग के शीशे लगी इस कार का पीछा करके इसको दबोच कर सराहनीय कार्य करते हुए मोहम्मद शकील उर्फ अली (23), मोहम्मद इरशाद (30), मोहम्मद आबिद (21) और लाजपत राय सचदेवा (38) के नामक अपराधियों को दबोचा। यह पीडि़ता पश्चिम बंगाल की 24 परगना की मूल निवासी है। अभी हाल में वह दिल्ली में रोहिणी के सेक्टर 16 में अपनी बहन के यहां रह रही थी।
इस काण्ड की पीडि़ता ने बताया कि उसको उसकी पहचान का शकील नाम का अपराधी बहला कर समीप के उत्तराखण्ड कालोनी में ले गया और वहां उसके तीन साथियो के साथ उसने मारपीट कर बलात्कार किया और उसके बाद उसको कार में जबरन डाल कर बुराडी की तरफ ले गये। इस दौरान कार में भी अपराधी उसके साथ लगातार मारपीट करते रहे। जांच के बाद पीडि़ता से दुराचार की पुष्टि हो गयी। काले शीशे लगाना व पुलिस पीसीआर वेन को देख कर भागना अपराधियों के पकडे जाने का मुख्य कारण बना।

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