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Thursday, February 21, 2013


महिलाओं के लिए बैखौप आजादी व यौन अपराधों पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग को लेकर जंतर मंतर पर विशाल धरना -प्रदर्शन


21 फरवरी संसद के बजट सत्र के दौरान महिलाओं के साथ हो रही यौन हिंसा पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर जंतर मंतर पर माले की छात्र इकाई आइसा के साथ अनैक महिला संगठनों ने मिल कर महिलाओं के लिए ‘बेखौप आजादी’ की हुंकार भरते हुए संसद की चैखट राष्ट्रीय धरना स्थल जंतर मंतर दिल्ली पर विशाल धरना दिया। इसमें फिल्म अभिनेत्री शबाना आजमी से लेकर अनैक प्रतिष्ठित महिलाओं ने भी इसमें भाग लिया। इसमें अरविन्द गौड की नाट्य मण्डल अस्मिता ने भी इस पर अपना नाटय का मंचन किया। सुबह से रात साढ़े सात तक चले इस विशिष्ट धरने में बड़ी संख्या में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय व जामिया विश्ववि़द्यालय के छात्र-छात्राओं के अलावा वामपंथी विचारकों ने भाग लिया। इसमें महिलाओं के लिए पूर्ण आजादी की पुरजोर मांग की गयी। इस धरने में विख्यात में जहां जनवादी नेत्री कविता कृष्णन् ने अपने औजस्वी संबोधन से महिलाओं की पूर्ण आजादी व उन पर हो रहे यौन अत्याचारों पर प्रकाश डाला । वहीं देश की विख्यात नृत्यांगना, फिल्म निर्माता व समाजसेवी शिक्षका माया कृष्णा राव ने महिलाओं के लिए बेखौप आजादी पर आधारित अपना वर्तमान व्यवस्था पर प्रचण्ड प्रहार करने वाला नृत्य नाटिका से उपस्थित हजारों की संख्या में आये जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। ‘हमे क्या चाहिए आजादी’ का जय घोष से दिन भर संसद की चैखट पर स्थित जंतर मंतर गूंज उठा। सुचेता दे ने कार्यक्रम का संचालन किया।
वहीं दूसरी तरफ जंतर मंतर पर 16 दिसम्बर क्रांति नामक संगठन के आंदोलनकारियों ने महिलाओं पर हो रहे योन अपराधों पर कड़ी सजा देने व दामिनी के सभी 6 अपराधियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर अपना 24 दिसम्बर से चल रहा आंदोलन आज भी जारी रखा।
 

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