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Friday, March 9, 2012

उत्तराखण्ड में हार की भी जीत गये जनरल रावत व उत्तराखण्ड रक्षा मोर्चा


उत्तराखण्ड में हार की भी जीत गये जनरल रावत व उत्तराखण्ड रक्षा मोर्चा

उत्तराखण्ड के हक हकूकों की उत्तराखण्ड विधानसभा चुनाव-2012 में उत्तराखण्ड की जनांकांक्षाओं के आषा के सूर्य बन कर उभरे ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत व उनकी अध्यक्षता वाले उत्तराखण्ड रक्षा मोर्चा ने भले ही चुनावी जंग में विजय श्री को वरण न कर पायी हो, परन्तु उन्होने भाजपा व कांग्रेस जैसे सत्तालोलुपु दिल्ली के मठाधीषों के षिकंजे में जकड़े उत्तराखण्डियों को अपने स्वाभिमान व विकास के लिए एक मजबूत राह दिखाने का काम किया।  इस महान कार्य के लिए मैं उत्तराखण्ड के महान राजनेता ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत, युगांन्तकारी महानगायक नरेन्द्रसिंह नेगी, पूर्व आईएएस अधिकारी सुरेन्द्रसिंह पांगती, ले. जनरल जगमोहन सिंह रावत, ले. जनरल काला, मेजर जनरल षेलेन्द्र राज बहुगुणा सहित सभी पदाधिकारियों, प्रत्याषियों व समर्थकों को षतः षतः नमन् करता हॅू। भाजपा व कांग्रेस द्वारा प्रदेष में चलायी जा रही भ्रश्ट राजनीति को चुनौती देने का अदम्य साहस जनरल टीपीएस रावत ने दिखाया वेसा साहस कभी खण्डूडी, निषंक व तिवारी जैसे मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रह कर भी नहीं दिखा पाये। भाजपा व कांग्रेस के इन मुख्यमंत्रियों के कारण आज कभी ईमानदारी के नाम से पूरे विष्व में ईमानदारी के नाम में जाना जानी वाली देवभूमि देष में सबसे भ्रश्टतम राज्य बन गया है। षहादतों की बदोलत गठित प्रदेष की राजनैतिक षक्ति को जब जनसंख्या के आधार पर कुंद किया गया तो न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री तिवारी की मुंह से जुबान निकली व नहीं खण्डूडी की। प्रदेष का आन मान व षान सब रौदां गया। संसाधनों को लुटवाया गया। प्रदेष के संवैधानिक पदों पर दागदार लोगों को आसीन किया गया। प्रदेष के अनुभवी व प्रतिभावान लोगों की उपेक्षा कर बाहर से दिल्ली के आकाओं के प्यादों को उत्तराखण्ड में महत्वपूर्ण पदों पर सारंगी बजाते रहे। यही नहीं प्रदेष की सर्वसम्मत राजधानी गैरसैंण बनाने के बजाय बलात देहरादून में थोप दिया गया। प्रदेष की आन मान षान को मुजफरनगर काण्ड से कलंकित करने वाले गुनाहगारों को दण्डित करने के बजाय उनको संरक्षण देने का षर्मनाक काम किया गया। यही नहीं उत्तराखण्ड के संसाधनों को माफियाओं के हाथों लुटाने का कृत्य बेषर्मी से किया गया। परन्तु क्या मजाल की भाजपा व कांग्रेस के इन तथाकथित नेताओं के मुंह से उफ तक भी निकल सके। ऐसे षर्मनाक माहौल में प्रदेष के हितों की रक्षा के लिए प्रदेष में एक मजबूत राजनैतिक विकल्प देने का ऐतिहासिक कार्य ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत के नेतृत्व में महान गायक नरेन्द्रसिंह नेगी, सुरेन्द्रसिंह पांगती सहित सैकडों उत्तराखण्डी सपूतों ने किया उनको भले ही निहित स्वार्थो व राश्ट्रीय पार्टियों के धन बल में भूल कर प्रदेष की जनता उनके इस ऐतिहासिक महत्व को न समझ पाये हो परन्तु उनके चंद महिनों के इस पहल ने भाजपा व कांग्रेस के मठाधीषों के पसीने छूडवा दिये । आज उत्तराखण्ड के हितों की रक्षा के लिए समर्पित इन रणबांकूरों से मेरा यही निवेदन है कि वे हताष न हो, मजबूती से उत्तराखण्ड में अपने विचारों व संगठन को फेलाते हुए उत्तराखण्ड के हक हकूकों के लिए प्रदेष की भाजपा व कांग्रेस के मोहपाष में बंधी जनता का भ्रम मिटाये। आने वाला समय उत्तराखण्ड समर्थकों का होगा।
‘लसका कमर बांध हिम्मत का साथ..........’ उत्तराखण्ड के महान गायक हीरासिंह राणा का यह गीत मानों साफ संदेष दे रहा है भाजपा व कांग्रेस द्वारा षोशित देवभूमि उत्तराखण्ड को बचाने के लिए गठित ले. जनरल तेजपाल सिंह रावत के नेतृत्व में गठित उत्तराखण्ड रक्षा मोर्चा  के जांबाज सिपाहियों को कि आने वाले दिन आपका ही है। आज भले ही प्रदेष की जनता ने तथा इस महानकार्य के लिए समर्पित लोगों के महत्व को संकीर्ण मानसिकता वाले दलीय टटू व पत्रकार न समझ पाये परन्तु उत्तराखण्ड की आने वाली पीडियां आपको सदा नमन् करेगी। उत्तराखण्ड के षहीदों की आत्मा आप के इस कार्य के लिए आपको अपना आषीश देगी। भगवान बदरी केदार, सदाषिव सहित 33 करोड़ देवी देवता आपको अपना आषीश देगे। आओ फिर मजबूती से जय उत्तराखण्ड कहते हुए नये इतिहास की नींव रखे एक आदर्ष उत्तराखण्ड जो भारत में रामराज्य स्थापित करने की राह दिखा सके। जहां जातिवाद-क्षेत्रवाद व भ्रश्टाचार की संकीर्णता न हो जहां विकास व सुषासन की गंगा बहे। ऐसा आदर्ष उत्तराखण्ड के निर्माण के लिए आओ एक बार फिर सब मिल कर संकल्प ले। एक नये विकल्प बनाने का आदर्ष उत्तराखण्ड बनाने का, षहीदों के सपनों का उत्तराखण्ड बनाने का। जहां सबको बिना भेदभाव के विकास का अवसर मिले। न्याय व सम्मान मिले, जीवन का एक नया संदेष मिले। जागो उत्तराखण्ड आज आपकी तरफ निहार रहा है। हताष न हो, आने वाला स्वर्णीम कल हमारा होगा। जय उत्तराखण्ड
आपका   देवसिंह रावत

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