देव भूमि की पवित्रता की रक्षा करना हम सबका नैतिक फर्ज हैः महेश चन्द्रा



देव भूमि की पवित्रता की रक्षा करना हम सबका नैतिक फर्ज हैः महेश चन्द्रा
देवताओं की धरती पुस्तक का विमोचन 
नई दिल्ली(प्याउ)। ‘देव भूमि उत्तराखण्ड की पावनता की रक्षा करना हम सबका नैतिक फर्ज है और हमें न केवल उत्तराखण्ड का चहुमुखी विकास करना है अपितु पश्चिमी विकास की चकाचैध में भारतीय संस्कृति को भूल रहे नौनिहालों को विश्व संस्कृति की पावन गंगोत्री उत्तराखण्ड के सनातन मूल्यों को भी अक्षुण्ण रखना है।‘ यह आवाहन अग्रणी सामाजिक चिंतक व प्यारा उत्तराखण्ड समाचार पत्र के प्रबंध सम्पादक  महेश चन्द्रा जी ने कनाट प्लेस स्थित आर्य समाज मंदिर में 25 मार्च को ‘देवताओं की धरती’ नामक  पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कही।  दिल्ली के कनाट प्लेस स्थित हनुमान रोड़ के आर्य समाज मंदिर के सभागार में सांय आयोजित इस पुस्तक विमोचन समारोह में बड़ी संख्या में आर्य समाज से जुड़े लोग, साहित्यकार, पत्रकार तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े प्रबुध लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर आर्य समाज के समर्पित कार्यकत्र्ता व देवताओं की धरती नाम पुस्तक के लेखक ज्ञानसिंह आर्य का विमोचन किया गया। इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए देश के अग्रणी आर्य समाज के प्रकाण्ड विद्धान व देश के वरिष्ठ पत्रकार बनारसी सिंह, सत्येन्द्र प्रयासी, अग्रणी समाजसेवी देवसिंह रावत, आचार्य धर्मसिंह शास्त्री, साहित्यकार रमेश हितैषी, कवि दिनेश ध्यानी, देवेश्वर प्रसाद जोशी, साहित्यकार पूरन चंद काण्डपाल आदि ने अपने विचार प्रकट किये। इस अवसर पर सभागार में  विराजमान  गणमान्य प्रतिभाओं में सेवा निवृत उप सचिव जगदीश चंद्रा, प्रेम कुमाउंनी, प्रकाशक रवि, अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार, विश्ववंधु, एन डी लखेडा, साहित्यकार पृथ्वी सिंह केदारखण्डी, म्यर उत्तराखण्ड संस्था के अध्यक्ष मोहन बिष्ट, हरीश रावत एवं साथी, पत्रकार बिहारी लाल जलंधरी व सतेन्द्र रावत, प्रेम सिंह आदि उपििस्थत थे।

Comments

Popular posts from this blog

खच्चर चलाने के लिए मजबूर हैं राज्य आंदोलनकारी रणजीत पंवार

-देवभूमि की पावनता की रक्षा की फिर भगवान बदरीनाथ ने- निशंक के बाद मनंमोहन को भी जाना होगा