Pages

Friday, March 23, 2012

मेरी प्यारी फेसबुक



मेरी प्यारी फेसबुक
कितनी सुन्दर
लगती हो तुम
जब हंसाती हो तुम
जब दिल मिलाती हो तुम
मेरे दिल की धडकनों
की रानी बन गयी
है अब दिलरूबा
फेसबुक अपनी फेसबुक
तुमसे कितनी हसीनाये
जलती है तेरे इस योवन से
तेरे पर मंडराते हे भौंरे
रात और दिन दीवाने बन
फिर भी तुम सबका दिल
रखती हो मुस्कराती हो
अपना बनाती हो
बिछुडों को मिलाती हो
साथ निभाती हो तब तक
जब तक दौलत
खनकते रहे
बरसते रहे तुम पर
-देवसिंह रावत
(24मार्च 2012 प्रात 955 बजे)

No comments:

Post a Comment