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Tuesday, June 12, 2012




मेरे देश के संसाधनों को लुटवा कर जो 
बने हुए हैं शहंशाह इस जहान में साथी 
उन खूदगर्ज हुक्मरानों को आओ मिल
हम बेनकाब करें इन्हीं के कुकृत्यों से 
   -देवसिंह रावत


आज जल रहा हे लुट रहा है 
चंगेजों के हाथों वतन साथियो
तुम गा रहे हो गीत बसंत के
रो रहा है मेरा वतन साथियो
उठों जागो खुदगर्ज न बनो
वतन की रक्षा में हुंकार भरो। 
कब तक उतारोगे ये आरती
स्वार्थो के लिए इन चंगेजों की 
-देवसिंह रावत 


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