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Sunday, May 15, 2011

मंहगाई से देश को अराजकता के गर्त में धकेलने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन के आवास पर धरना दें राहुल गांधी

मंहगाई से देश को अराजकता के गर्त में धकेलने वाले प्रधानमंत्री मनमोहन के आवास पर धरना दें राहुल गांधी
जब राहुल गांधी ने देश की राजधानी दिल्ली से सटे हुए उप्र के आद्योगिक शहर नौएडा में मायावती सरकार के पुलिसिया दमन से पीड़ित गांव में एक दिन का धरना दिया था, मैने उसका पुरजोर समर्थन किया था। परन्तु मुझे यह देख कर बहुत आश्चर्य हो रहा है कि मनमोहन सिंह के कुशासन के कारण आज देश बेलगाम मंहगाई, आतंक व भ्रष्टाचार से तबाही के कगार पर है। परन्तु राहुल गांधी अपनी इस सरकार के मुखिया मनमोहन सिंह के आवास पर एक पल के लिए धरना पर क्यों नहीं बैठ रहे है। क्या उनको यह नहीं दिख रहा है कि उनकी सरकार के इस नक्कारेपन से देश के करोड़ों लोगों का जिन्दगी दुश्वार हो गयी है। राहुल गांधी को यह सबकुछ दिखेगा ही नहीं क्योंकि न तो उनको कभी मंहगाई का भान है व नहीं उनके सलाहकारों को मंहगाई का ज्ञान है। सभी अरबों की दौलत पर कुण्डली मारे हुए है। अगर राहुल गांधी व उनके सलाहकारों को इस बात का भान रहता तो वे नौएडा में धरना देने के बाद या पहले सबसे पहले देश के लिए नक्कारा साबित हो चूके प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर ठीक उसी तरह का धरना देते जिस प्रकार का धरना उन्होंने गत सप्ताह नोयडा में दिया था। नोयडा में तो सैकड़ों परिवार ही पीड़ित हैं परन्तु मनमोहन सिंह सरकार के नक्कारेपन के कारण आज देश के 100 करोड़ से अधिक आम गरीब जनता दिन रात खून के आंसू बहा रही है। इनके खून के आंसू राहुल गांधी को क्यों नहीं दिखाई दे रहे है, इसी बात का मुझे आज आश्चर्य है। परन्तु क्या मजाल की राहुल गांधी के चेहरे पर देश के इन करोड़ों गरीबों के लिए जरा सी भी हमदर्दी तक हो। जबकि इन्हीं गरीबों का हितैषी बन कर कांग्रेस ने पांच दशक से अधिक समय तक इस देश पर शासन किया। आज हालत इतनी शर्मनाक है कि
बेलगाम मंहगाई से आम लोगों का जीना ही दुश्वार हो गया है। चारों तरफ त्राही-त्राही ही मची हुई है। भ्रष्टाचार व आतंकबाद से पहले ही देश की नींव ही जरजर हो गयी है। परन्तु सत्तामद में धृतराष्ट्र बने सत्तालोलुप मनमोहन सिंह व उनकी सप्रंग सरकार इस पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस कदम तक नहीं उठा रही है। परन्तु इसे देख कर भी देश की आम जनता के हितों की रक्षा के लिए अपने आप को समर्पित होने का दावा करने वाले राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह सरकार से इस पर रोक लगाने के लिए एक बार भी ईमानदारी से गुहार लगाने का काम तक किया हो। देश को भ्रष्टाचार, आतंकवाद व मंहगाई से अराजकता की गर्त में धकेलने वाले देश के प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह को अविलम्ब हटाने के लिए राहुल गांधी को 7 रेसकोर्स रोड़ स्थित प्रधानमंत्री आवास पर अविलम्ब धरना देना चाहिए। इसके साथ कांग्रेस आला कमान के सलाहकार बन कर कांग्रेस व देश का बेडागर्क करने को तुले वातानुकुलित कमरों में बैठ कर कागची सलाहकारों से भी कांग्रेस को आजाद कराये।यही उनकी देश की सबसे बड़ी सच्ची सेवा होगी।

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