Pages

Tuesday, December 4, 2012

पद्दोन्नति में आरक्षण के लिए संसद पर प्रदर्षनों का तांता 

नई दिल्ली। जहां एक तरफ संसद में पदोन्नति में आरक्षण की मांग को लेकर राजनैतिक दलों में उहापोह की स्थिति बनी हुई है। वहीं संसद की चैखट राश्ट्रीय धरना स्थल जंतर मंतर पर संसद सत्र के दौ
रान विभिन्न दलित संगठनों द्वारा पद्दोन्नति में आरक्षण की मांग को लेकर निंरतर धरना प्रदर्षन का तांता ही लगा हुआ है। 3 दिसम्बर को भी दलित महापंचायत का आयोजन इसके समर्थन में किया गया। संसद मार्ग पर आयोजित दिन भर के धरने में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों, एससी/एसटी कर्मचारी व विभिन्न संगठनों के लोगों ने विचार व्यक्त कर पदोन्नति में आरक्षण को दलितों का संवैधानिक हक बताया। राष्ट्रीय दलित पंचायत संघ की ओर से आयोजित महापंचायत में संविधान के 117वें संशोधन विधेयक 2012 के समर्थन में दलितों की महारैली को संबोधित कर एससी/एसटी आयोग के अध्यक्ष पीएल पूनिया व भाजपा सांसद अजरुन राम मेघवाल ने दलित सांसदों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पदोन्नति में आरक्षण संबंधी इस विधेयक का एकजुट होकर समर्थन करने का आह्वान किया। इस महापंचायत को राजस्थान से कांग्रेस सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा व राष्ट्रीय दलित पंचायत के संयोजक अशोक कुमार ने भी संबोधित किया। इस धरने में सम्मलित होने आये उत्तराखण्ड कांग्रेस के एससीएसटी संगठन के प्रदेष सचिव पृथ्वी पर्नवाल ने बताया कि वे उत्तराखण्ड में आसीन कांग्रेस सरकार में इस उपेक्षित वर्ग के हितों के लिए निरंतर संघर्श कर रहे हैं और षासन में 22 प्रतिषत भागेदारी दिलाने के लिए निरंतर संघर्श कर रहे है। उन्होंने अफसोस प्रकट किया कि प्रदेष की कांग्रेस सरकार इस दिषा में निरंतर उपेक्षा कर रही है और प्रदेष में अजा/अजजा के जो प्रभावषाली नेता हैं वे समाज के हितों पर हो रहे कुठाराघात पर मूक हैं। इस प्रदर्षन में रेलवे से भी काफी कर्मचारियों ने भाग लिया। वहीं संसद सत्र के प्रारम्भ में उदित राज के नेतृत्व में एससी/एसटी कर्मचारियों ने भारी संख्या में रामलीला मैदान से संसद तक मार्च करके इस मांग के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर चूके है। तेजतरार कांग्रेसी सांसद प्रदीप टम्टा ने इस मामले में दो टूक षब्दों में कहा कि पद्दोन्नति में आरक्षण उपेक्षित वर्ग का अधिकार है, इसके लिए वे निंरतर संसद से लेकर सडक तक संघर्श करेंगें।
उदित राज के नेतृत्व वाली रेली को जंतर मंतर पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी संबोधित किया। इस विशय पर अपने दो टूक विचार प्रकट करते हुए देष के षीर्श दलित नेता जगजीवन राम के करीबी रहे वरिश्ट चिंतक व कांग्रेसी नेता टीसी गौतम ने कहा कि आज भी पूरे देष में दलितों से भेदभाव खत्म नहीं हुआ है। उनको विकास व लोकतंत्र में उचित भागेदारी से शडयंत्र के तहत वंचित किया जाता है। इसलिए पद्दोन्नति में आरक्षण अभी जारी रखा जाना चाहिए।

No comments:

Post a Comment