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Thursday, December 27, 2012


मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित करके व गडकरी को पदमुक्त करके ही पार लगेगी भाजपा की नौका


मोदी के आगमन पर भाजपा मुख्यालय में भाजपा के बडे नेताओं की अनुपस्थिति ने किया मोदी युग का शंखनाद

नई दिल्ली।(प्याउ)। गुजरात में में तीसरी बार विधानसभा के चुनाव में अपने विरोधियों को चारों खाने चीत करके दिल्ली पंहुचे देश में प्रधानमंत्री पद के लिए देश की जनता का पहला पंसद बन कर उभरे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिल्ली आगमन पर भाजपा मुख्यालय 11 अशोक रोड़  में हुए मोदी के भव्य स्वागत ने साबित कर दिया कि भाजपा में अब मोदी युग का शंखनाद हो चूका है। हजारों की संख्या में उमड़े भाजपा कार्यकत्र्ताओं की मोदी के लिए ‘पीएम-पीएम’के गगनभेदी नारों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित तमाम भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को यह बात साफ समझ में आ गयी होगी कि भाजपा का आम कार्यकत्र्ता भी अब भाजपा के भावी प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में स्वीकार चूका है।
कार्यकत्र्ताओं की भावनाओं पर प्रत्यक्ष टिप्पणी करने से बचते हुए केवल मोदी ने यही कहा कि बीजेपी जो जिम्मेदारी देगी, वह उसे पूरा करने का प्रयास करेंगे। इसके साथ उन्होंने अपनी सफलता के लिए भाजपा के हर कार्यकत्र्ता की मेहनत का फल बताया।
इस अवसर पर चतुर राजनीतिज्ञ की तरह नरेन्द्र मोदी ने दो टूक शब्दों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को देश को पतन के गर्त में धकेलने का आरोप लगाते हुए  राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की बैठक दिये गये अपने भाषण को दोहराते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री के सामने कहा कि आप जिस पद से जो बात कर रहे हैं उससे देश में निराशा पैदा हो रही है। कार्यकर्ताओं के पीएम...पीएम नारों के बीच मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री के सामने ‘मैंने कठोरता से अपनी बात रखी। मैंने कहा कि आपके पास कोई सोच, कोई सपना और कोई कार्ययोजना नहीं है।

इसके साथ गुजरात में विकास का परचम फेहराने वाले मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 9 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर का लक्ष्य तय करने वाली केंद्र सरकार इसे 7.9 प्रतिशत के स्तर पर ही पहुंचा पाई और अब सरकार ने 9 के बजाय यह लक्ष्य 8.2 प्रतिशत आंका है।
विरोधियों पर अपनी बेबाक टिप्पणी से जनता का दिल जीतने वाले नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री व उनकी कांग्रेस सरकार के विकास के दावों की हंसी उडाते हुए कहा कि मनमोहन सरकार का लक्ष्य ही जब केवल 0.3 प्रतिशत आगे बढ़ाना है। इसके लिए पूरे देश को यहां राष्ट्रीय विकास परिषद में जमा किया गया। 0.3 प्रतिशत के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ रही है। यह हाल केंद्र सरकार का है।
विकास के नाम पर गुजरात में विधानसभा चुनाव में परचम फेहराने वाले श्री मोदी ने कहा कि उनके नेतृत्व में गुजरात में जो विकास हुआ उसके दम पर हम चीन को टक्कर देने की क्षमता है। हमारे पास अथाह युवा शक्ति है। जिनमें कुछ कर गुजरने का जोश हैै। देश में 65 प्रतिशत से ज्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र के युवाओं की है। आज देश का दुर्भाग्य है कि इस विशाल युवा शक्ति वाले देश के विकास के लिए सरकार के पास न तो कोई योजना है व नहीं कोई राजनीतिक दृढ़ शक्ति ।
मंच पर भले ही आडवाणी की तस्वीर स्वागत बैनर के उपर लगी हुई थी परन्तु न तो इस समारोह में आडवाणी ही दिखे व नहीं सुषमा, जेटली व जोशी सहित कोई बडे नेता। केवल मंच पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष अनुराग ठाकुर, गुजरात के प्रभारी बलबीर पुंज, बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर सहित चंद जाने पहचाने चेहरे थे।  परन्तु मोदी की उपस्थिति में भाजपा के कार्यकत्र्ता ही नहीं उपस्थित नेता भी मोदी युग का शंखनाद अपार हर्षोल्लाश के साथ कर रहे थे। मोदी के आगमन पर भारी आतिशबाजी के साथ मोदी पीएम-पीएम के गगनभेदी नारे के बीच से आ कर जब में जनसंघ काल के वरिष्ठ पत्रकार से मिला तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अगर भाजपा मोदी को प्रधानमंत्री का प्रत्याशी घोषित करते हुए गडकरी को अध्यक्ष पद से हटा दे तो भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक सफलता मिल सकती है। परन्तु अगर गडकरी को अध्यक्ष पद पर बनाये रखा तो भाजपा को पतन के गर्त से कोई नहीं बचा सकता है। वहीं भाजपा समर्पित एक अन्य विचारक ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा कल्याणसिंह व वरूण गांधी की साझीदारी से उप्र में भी चैकान्ने वाली सफलता हासिल कर सकती है।
देश में मोदी युग का शंखनाद होने की घोषणा करने वाले इन भाजपा के अग्रणी चिंतक के अनुसार मोदी को रोकने के लिए जो भीतरघात गुजरात में किया गया उसका मुहतोड़ जवाब मोदी व गुजरात की प्रबुद्ध जनता ने दिया। उनके अनुसार मोदी ने अपने विरोधियों का दिल जीतने की महारथ हासिल है। इसी के तहत उन्होंने चुनाव जीतने के बाद केशुभाई पटेल से आशीर्वाद लिया और अपने घोर विरोध कांग्रेसी नेता बघेला से भी दूरभाष में बात करके अपना बनाने का कार्य किया।
अब देखना है कि संघ व भाजपा के नेता जनभावनाओं व भाजपा के कार्यकत्र्ताओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए मोदी को भावी प्रधानमंत्री का दावेदार अपनी तरफ से घोषित करते हुए देशहित में गडकरी को पार्टी का दुबारा अध्यक्ष न बनाने का कार्य करती है कि नहीं। संघ समय की नजाकत से सीख लेता है या गडकरी के मोह में लीन रहता है।

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