देश के हुमरानों व मीडिया शर्म करो, 


सरकारी भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए क्रिकेट प्रकरण न उछालो


कोई देश के इन इलेक्ट्रोनिक समाचार चेनल वालों सहित भारत के समाचार जगत से पूछे कि उनको मनमोहन सरकार का कोयला घोटाला, रेल घोटाला, 2जी घोटाला सहित कई दर्जन घोटाले क्यों नहीं दिखाई दे रहे है? ये क्यों इन दिनों खुले सट्टे व पैसों के खेल आईपीएल में हुए घुस प्रकरण पर दिन रात ऐसा दिखा रहे हैं कि मानों क्रिकेट का यह घोटाला देश के सभी घोटालों का मूल है।
क्या यह देश का ध्यान इसी पखवाडे रेल व कोयले घोटाले में पूरी तरह घिर चूकी मनमोहन सरकार के घोटालों पनर पर्दा डालने का षडयंत्र नहीं है तो क्या है? चीन भारत की सीमा पर कब्जा कर रहा है, अमेरिका व चीन पाक को प्यादा बना कर देश पर आतंकी हमले कर रहे है। संसद से लेकर सीमा तक सुरक्षित नहीं है। चीन ने भारतीय सीमाओं पर ही अतिक्रमण नहीं किया अपितु उसने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ समझे जाने वाले उद्योगों की कमर भी तोड़ दी। आज भारतीय बाजार चीनी माल से भरा हुआ है। देश के उद्योग धडाधड बंद हो रहे हैं। नक्सली दो जनपदों पर शिकंजा कस चूके है। भारत की सरकार, मीड़िया, राजनेता, बुद्धिजीवि इन समस्याओं पर गभीर चिंतन व देश रक्षा में युद्धस्तर पर जुटने के बजाय पैसों व सट्टे बाजी के खेल क्रिकेट में घूसबाजी पर दिन रात धरती आसमान एक किये हुए है? देश की जनता मंहगाई, भ्रष्टाचार, आतंकवाद पर अंकुश लगाने में पूरी तरह विफल रही मनमोहन सिंह की सरकार से त्राही-त्राह कर रही है और देश की बेशर्म मीडिया व राजनेता क्रिकेट की फिक्सिंग पर विधवा विलाप कर रहे है। क्या यही देश को पतन के गर्त में धकेलना नहीं तो क्या हे? शर्म आनी चाहिए इस देश के हुक्मरानों व मीडिया को जो देश की असली समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाने के लिए क्रिकेट जैसे सट्टे के खेल पर लोगों का बलात ध्यान खिंच रहे हैं।

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