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Wednesday, May 22, 2013

सरकारी भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए उछाला गया है क्रिकेट फिक्सिंग प्रकरण


क्रिकेट फिक्सिंग से लाखों गुना खतरनाक है सत्तासीन हुक्मरानों के घोटाले 


जिस प्रकार से प्रधानमंत्री मनमोहन व सप्रंग सरकार की ं कोयला घोटाला प्रकरण मेंसर्वोच्च न्यायालय प्रकरण मे  सीबीआई द्वारा दाखिल किये गये शपथ पत्र व रेलवे में पद्दोन्नति के मामले में रेलमंत्री बंसल के रिश्तेदार द्वारा सीधे धूस लेते हुए सीबीआई द्वारा गिरफतार किये जाने से भारी किरकिरी पूरे देश में हो रही थी, मामले की गंभीरता व सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मिली कड़ी फटकार के बाद मनमोहन सरकार को ना चाहते हुए अपनी खाल बचाने के लिए रेल मंत्री बंसल व कानून मंत्री अश्वनी को बर्खास्त कर अपनी खाल बचानी पड़ी।
जनता में हो रही भारी बदनामी से बचाने के लिए सरकार के प्रबंधकों ने दिल्ली पुलिस से पैंसे के खेल आईपीएल का धमाका कर लोगों का ध्यान मनमोहन सरकार के भ्रष्टाचार से बंटाने के लिए किया। इसी लिए इसी समय आईपीएल मैचों में हो रही धूस मिली भगत को पुलिस द्वारा छापेमारी के बाद श्रीसंत सहित कई खिलाडियों व दारा सिंह के बेटे बिन्दु जैसे लोगो को गिरफतार करके संचार व समाचार माध्यमों में ऐसे पेश किया जा रहा है कि मानो इस देश में भ्रष्टाचार का मूल क्रिकेट में चल रही धूस प्रकरण ही है। जबकि आईपीएल क्रिकेट मेचों को लोग पहले से ही पैंसे का खेल मान रहे हें। लोग इसको सरकारी शह पर खेला जा रहा जुआ मानते है। लोगों में यह धारणा है कि फिल्म उद्योग व आईपीएल क्रिकेट मेचों में लगा ही पैसा दो नम्बर का होता है। यह काला धनिकों के हाथों का एक खिलोना है।
जबकि हकीकत यह है कि आईपीएल और सिनेमा उद्योग में अधिकांश खेल ही काले धनिकों का है। देश व अर्थव्यवस्था को इस काले खेल से उतना नुकसान नहीं होता जितना सत्तारूढ़ हुक्मरानों के सीधे भ्रष्टाचार से। आज जिस प्रकार से पूरे समाचार जगत भ्रष्टाचार में घिरी मनमोहन सरकार व प्रधानमंत्री को घेरने के बजाय पूरे दिन रात चैबीसों घण्टे इसी पेसें के खेल क्रिकेट में हो रही घूस प्रकरण पर ही नये नये धमाकेदार अंदाज में पेश कर जनता को भ्रंिमत कर रहे है। जबकि हकीकत यह है कि आज देश को सबसे बडा खतरा मनमोहन व उनकी यूपीए जैसी सरकार के भ्रष्टाचारों व देश के हितों के प्रति उदासीन रवैये से है। क्रिकेट व सिनेमा जगत में हो रहे भ्रष्टाचार पर तो अंकुश लगाने के लिए साधारण पुलिस व सरकार की हल्की सी इच्छा शक्ति भी काफी है। परन्तु मनमोहन सिंह जैसे नक्कारे प्रधानमंत्री व उनकी भ्रष्टाचार में लिप्त सरकार के कारण आज जहां न तो देश की सीमायें सुरक्षित बची है व नहीं देश के आम आदमी का जीवन । चारों तरफ भ्रष्टाचार, मंहगाई व आतंकवाद से देश का आम आदमी त्रस्त है । चीन भारतीय एकता व अखण्डता को सीधे चुनौती दे रहा है। परन्तु बेशर्मी की हद तो यह प्रधानमंत्री मनमोहन व उनकी पार्टी कांग्रेस देश की इस शर्मनाक त्रासदी पर भी जश्न मना रहे हैं और आततायी चीन का भारत में लालकालीन बिछा कर स्वागत कर रहे हैं। सरकार कितना भी नौटंकी क्रिकेट मैचों में धूस प्रकरण पर क्यों न कर ले अब देश की जनता का ध्यान नहीं बंटने वाला, आने वाले समय में देश की जनता कांग्रेस को मनमोहन सिंह से देश को भ्रष्टाचार की गर्त में धकेलने का  दण्ड सत्ता से उखाड् फेंक कर देगी । दिवारों पर लिखी जनाक्रोश को पढ़ने में भले ही सोनिया गांधी व मनमोहन एक दूसरे के गुणगाण करके नजरांदाज करने की कबूतरी प्रवृति कितना भी कर लें परन्तु देश की जनता मनमोहन सिंह जैसे भ्रष्टाचारी सरकार को उखाड़़ फेंकने का मन बना चूकी है। हालांकि भाजपा के चंद मुगेरीलाल अपनी अहं की तुष्टि के लिए कांग्रेस की राह में फूल बिछाने का काम कर रहे है परन्तु जनता इन मुगेरीलालों को भी सबक सिखायेगी। 

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