मेरे कृष्ण तुम एक ऐसा दीप जला दो 

हर घर आंगन में दीप खुशियों का जले
हर पल अधरों में खिले खुशियों के दीये
आंखों में दिखे कहीं भी न दुख के आंसू
खिले हर दिल खुशियों से इस जग में
मेरे कृष्ण तुम एक ऐसा दीप जला दो 
सकल सृष्टि को श्री से रोशन कर दो
-देवसिंह रावत 
(दीपावली, मंगलवार, 13 नवम्बर प्रातः 9.56 बजे)

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