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Saturday, November 10, 2012


गैरसेंण में विधानसभा भवन बनाने की पहल को गैरसेंण राजधानी बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम मानते हैं नरेन्द्र सिंह नेगी 

उत्तराखण्डी अखबार, गीतों की कैसेट व साहित्य को बढावा देने की जरूरत
उत्तराखण्ड के अग्रणी कालजयी लोक गायक नरेन्द्रसिंह ने
गी ने उत्तराखण्ड प्रदेश सरकार द्वारा 3 नवम्बर को गैरसेंण में मंत्रीमण्डल बैठक के बाद किये ‘गैरसेंण में मकर संक्रांति 2013 को विधानसभा भवन का शिलान्यास करने व विधानसभा का एक सत्र गैरसेंण में कराने के निर्णय को प्रदेश की स्थाई राजधानी गैरसेंण में बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानते हुए इसका पुरजोर स्वागत किया। प्रदेश की संस्कृति, हक हकूकों व जनभावनाओं को अपना स्वर दे कर आम जनमानस के दिलों में राज करने वाले महान गायक नरेन्द्रसिंह नेगी ने अपने विचार उत्तराखण्ड राज्य गठन जनांदोलन के अग्रणी संगठन ‘उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष व प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक देवसिंह रावत, उत्तराखण्ड पत्रकार परिषद के पूर्व महासचिव दाताराम चमोली, आर्चिटेक्ट ब्रह्मा छिमवाल व संजय नौडियाल, एबीपी समाचार चैनल के पत्रकार मनु पंवार, नरेन्द्रसिंह नेगी के उभरते हुए गायक सुपुत्र कविलास व पत्रकार वेद उनियाल के साथ दिल्ली में उत्तराखण्डी समाज के दीवाली मिलन समारोह में गैरसेण पर सरकारी पहल पर चल रही एक चर्चा पर अपना दृष्टिकोण रखते हुए कही। 
दीवाली मिलन समारोह का आयोजन 10 नवम्बर को सांय 7 बजे से डीपीएमआई परिसर में न्यू अशोक नगर दिल्ली में पैरामेडिकल इस्टीटयूट के प्रबध निदेशक व समाज के अग्रणी समाजसेवी डा. विनोद बछेती द्वारा डीपीएमआई परिसर में किया गया। इसमें उत्तराखण्डी समाज के अग्रणी समाजसेवियों, पत्रकारों, उद्यमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उत्तराखण्ड के मुहम्मद रफी के रूप में ख्याति प्राप्त नरेन्द्रसिंह नेगी ने प्यारा उत्तराखण्ड के बेबाक प्रकाशन के लिए सम्पादक देवसिंह रावत की सराहना करते हुए कहा कि भले ही उत्तराखण्ड में असंख्य समाचार पत्र प्रकाशित किया जाते हैं पर जो बेबाब ढ़ग से प्यारा उत्तराखण्ड के सम्पादक देवसिंह रावत प्यारा उत्तराखण्ड का प्रकाशन कर रहे हैं वह सराहनीय है। 
महान लोक गायक नरेन्द्रसिंह नेगी ने इस अवसर पर समाज के लोगों से अनुरोध किया कि वह महाठी समाज की तरह अपनी संस्कृति व हक हकूकों की रक्षा करने के लिए आगे आयें। श्री नेगी ने अफसोस प्रकट किया कि हमारे समाज में अपने समाज के हक हकूकों व संस्कृति की रक्षा के लिए प्रकाशित समाचार पत्रों, साहित्य पुस्तकों व गीत की केसेटों को खरीद कर इसे मजबूती प्रदान करने की प्रवृति नहीं है। वहीं मराठी समाज में अपनी संस्कृति के मजबूती प्रदान करने वाले गीतों की कैसेट, साहित्य पुस्तके व समाचार पत्रों को खरीदने की प्रवृति के कारण है कि आज मराठी समाज बाॅलीवुड के चकाचैंध में भी अपना सम्मानजनक स्थान बनाने में सफल है। उन्होंने कहा कि जहां मराठी संस्कृति को बढावा देने के लिए वहां की क्षेत्रीय दल मजबूत हैं। वहीं उत्तराखण्ड में क्षेत्रीय दल दिशाहीन व सत्तालोलुपु है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्डं की संस्कृति व लोकभाषा तथा हक हकूंकों के लिए सतपाल महाराज उत्तराखण्डी क्षेत्रीय दलों से कहीं बेहतर काम कर रहे हैं । 
डा विनोद बछेती द्वारा दीवाली मिलन के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में गत वर्ष की भांति इस साल भी लोक गायक नरेन्द्रसिंह नेगी उपस्थिती ने इस आयोजन को चार चांद लगा दिये। इसमें सम्मलित अन्य महत्वपूर्ण समाजसेवियों में उत्तराखण्ड के अग्रणी गायक चन्द्रसिंह राही, प्रोगे्रसिव पार्टी के अध्यक्ष जगदीश मंमगांई, दिल्ली कांग्रेस के नेता दीवान सिंह नयाल, दिल्ली पुलिस के एसीपी सतीश शर्मा, नोयडा के समाजसेवी योगेन्द्र मंमगांई, व उद्यमी भगवती प्रसाद रतूडी , उत्तराखण्ड महासभा के कर्ण बुटोला, वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगरान, इंजीनियर जगदीश भट्ट, दिनेश ध्यानी, उत्तराखण्ड लोकमंच के अध्यक्ष बृजमोहन उप्रेती, पत्रकार इन्द्रचंद रजवार, अनिल पंत, सतेन्द्र रावत , दूरदर्शन के पत्रकार उर्मिलेश भट्ट, केन्द्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल के ओएसडी एस एस नेगी, किशोर रावत, गढवाल सभा कडकडडूमा के अध्यक्ष अमरसिंह राणा, रंगकर्मी महेश, समाजसेवी जयसिंह रावत, शिव चरण मुडेपी, रंगकर्मी नरेन्द्र पांथरी, उत्तराखण्ड परिषद के मोहन बिष्ट एवं साथी, अनिल, भण्डारी, चैहान, व हेमंत पसबोला सहित अनैक प्रतिष्ठित समाजसेवी उपस्थित थे।
 

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