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Tuesday, November 27, 2012



महान गायक नरेन्द्रसिंह नेगी जी को शतःशतः नमन्


नरेन्द्रसिंह नेगी न केवल उत्तराखण्ड के चोटी के कलाकार हैं अपितु उन्होंने उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को अपने स्वरों से न केवल देश प्रदेश अपितु विदेश में बसे लाखों उत्तराखण्डियों  के हृदय में बसाने का भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने सामान्य कलाकारों की तरह उत्तराखण्ड के हक हकूकों व जनांकांक्षाओं को अपनी अंध सत्तालोलुपुता से रौंदने वाले कुशासकों के कृत्यों को बेनकाब करने के लिए जनता में अपने विशेष गीतों से गूंजायमान किया है। सीमा रक्षा में जुटे सेना के असंख्य जवान हो या ससुराल में रहने वाली आम नारी या देश विदेश में रहने वाले लाखों प्रवासी अपनी जन्म भूमि से जोडने का एकमात्र सहारा नेगी जी के कालजयी गीत हैं। 
इससे आक्रोशित हो कर उत्तराखण्डी तत्व उनके विराट व्यक्तित्व पर छीटा कसी करने का का षडयंत्र  रच रहे है। इसलिए उत्तराखण्ड के तमाम प्रबुद्ध जनों से अपील है कि ऐसे तत्वों का मोहरा बन कर उनके  नापाक कृत्यों पर किसी प्रकार की टिप्पणी करने के बजाय उनको ब्लाक करें। उनको अहमियत ही न दें। जब तक नरेन्द्रसिंह नेगी के विराट जनहित के गीत व गायन है तब तक ऐसे बौनी मानसिकता के जनविरोधी तत्व कुछ नहीं कर सकते। हाॅं सभी लोग न तो ऐसे तत्वों को कहीं समारोहों में आमंत्रित करें व नहीं उन पर कोई कमेंटस करे। जो प्रदेश के हक हकूकों की रक्षा के लिए अपने हितों को दाव पर लगाने के अदम्य साहस करे ऐसे महान गायक नेगी जी को शतःशतः नमन्। 

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