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Saturday, November 24, 2012


नरेन्द्र नेगी के ‘जय नन्दा राज राजेश्वरी ’गीत से गूंजायमान हुआ दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला

दस सालों में दिल्ली की सरकारों से मदद लेगा नहीं देगा उत्तराखण्ड

भले ही उत्तराखण्ड के महान गायक नरेन्द्रसिंह नेगी दिल्ली के प्रगति मैदान में लगे भारत के अन्तराष्ट्रीय व्यापार मेले में 24 नवम्बर की सांयकाल को आयोजित उत्तराखण्ड दिवस समारोह में साक्षात उपस्थित नहीं थे  परन्तु अन्य कलाकारों द्वारा उनके द्वारा गाये गये कालजयी गीत ‘जै भगोती नन्दा, जै ऊंचा कैलाशों की‘ तेरों त्रिसिग्या खाडू, तेरी छतेरी रिंगाल की...’.को गा कर यहां का पूरा ही माहौल भगवान शिवशक्ति की परमशक्ति ‘श्री नन्दा राज राजेश्वरी’ मय कर दिया। उत्तराखण्ड के महान गायक नेगी जी द्वारा गाये इस गीत पर अन्य कलाकारों के स्वरों. पर अपने सुन्दर नृत्य से  नन्दादेवी के मूल क्षेत्र की परंपरागत पाखूला पहने हुई सुन्दर नृतकियों व परंपरागत परिधान पहनेे कलाकारों ने इस समारोह में उपस्थित मुख्यमंत्री  विजय बहुगुणा सहित तमाम लोगों का मनमोह लिया।
गौरतलब है कि उत्तराखण्ड प्रदेश में सत्तासीन रहे कांग्रेस के तिवारी सरकार व भाजपा की निशंक सरकार के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार को बेनकाब करने वाले जनता में व्यापक जागृति फेलाने वाले कालजयी गीतों को गा कर वहां के शासन प्रशासन तथा उनके प्यादों की आंखों के प्यादे बन गये हो। इसी कारण भ्रष्ट राजनेताओं व नौकरशाहों का गिरोह इस उत्तराखण्डी संस्कृति व लोकशाही के ध्वजवाहक जनता के दिलों में राज करने वाले महान गायक को बदनाम करने के लिए तमाम प्रकार की धृष्ठता कर रहे हैं, जनता इनके तथाकथित षडयंत्रों व प्रदेश की संस्कृति को दुषित करने वाले गीतों की भी कडी भत्र्सना करते हुए सिरे से नकार रहे है। उत्तराखण्ड समाज के तमाम बुद्धिजीवियों व चिंतकों ने इस प्रकार की प्रवृति की कड़ी भत्र्सना करते हुए जनता से आवहान किया कि वे इस प्रकार के तत्वों को नजरांदाज कर दे।
उत्तराखण्ड सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस समारोह में मुख्य अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा थे वहीं विशिष्ट अतिथि कबीना मंत्री दुर्गापाल थें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि दिल्ली लघु उत्तराखण्ड है। दिल्ली के उत्तराखण्डियों ने राज्य गठन के संघर्ष में जो ऐतिहासिक योगदान दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे देश में ही नहीं विदेश में काफी भ्रमण किया है। जो टिहरी बांध से निर्मित झील है वह स्वीजरलेण्ड व कनाडा की झीलों से अधिक सुन्दर व पर्यटकों के लिए आकर्षित करने वाली होगी। उन्होंने कहा कि मात्र 12 साल में उत्तराखण्ड ने जो विकास करके देश के विकास की दर से अधिक विकास की दर अर्जित करने में सफलता हासिल की है। उन्होंने सगर्व इस बात का ऐलान किया कि उत्तराखण्ड को प्रवृति ने तमाम अकूत संसाधन दिये हैं वह दिन दूर नहीं दस बीस सालों में ही हम दिल्ली की मदद के लिए मोहताज नहीं होंगे अपितु दिल्ली को हम अपनी तरफ से मदद देंगे।
उत्तराखण्ड राज्य गठन जनांदोलन के प्रमुख संगठन उत्तराखण्ड जनता संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष देवसिंह रावत, केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत के करीबी कांग्रेसी नेता नन्दन घुघतियाल व कमल सिंह बिष्ट, अग्रणी गायक चन्द्रसिंह राही,  उद्यमी के सी पाण्डे, समाजसेवी मोहन सिंह रावत, पत्रकार सुनील नेगी, उर्मिलेश भट्ट, अनिल पंत व सतेन्द्र रावत, कांग्रेसी नेता अषाडसिंह अधिकारी व भगवती प्रसाद नौगांई, हुकमसिंह कण्डारी, अधिवक्ता सुधीर सजवाण आदि प्रमुख समाजसेवी उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रदेश सरकार में संस्कृति सचिव डा उमाकांत पंवार, मुख्य सचिव रनबीर सिंह, दिल्ली में मुख्य स्थानिक आयुक्त एस के मुट्टू अपर सचिव अमित नेगी, षैलेश गोली, व स्थानिक आयुक्त शंकरदत्त शर्मा व मुख्य व्यवस्थाधिकारी रंजन मिश्रा सहित अनैक वरिष्ट अधिकारी उपस्थित थे।

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