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Sunday, January 6, 2013



मुख्यमंत्री शीला व केन्द्रीय मंत्री रावत सहित सैकडों लोगों ने लिया ठिठुरती ठण्ड में उत्तराखण्डी गीतों का आनन्द

दिल्ली में बसे 20-25 लाख उत्तराखण्डी हैं दिल्ली की बुनियाद:मुख्यमंत्री शीला

दिल्ली ही नहीं देश के विकास में नींव के पत्थर हैं उत्तराखण्डीः केन्द्रीय मंत्री रावत 



दिल्ली पालम से श्याम प्रसाद खंतवाल-
6 दिसम्बर को जहां इस मोसम का सबसे ठण्डे दिन होने के कारण आम दिल्लीवासी ठण्ड से ठिठुर रहे थे, उसी हाड़  को कंपकंपा देने वाली ठण्ड में दिल्ली के पालम क्षेत्र के दादा देव मेला ग्राउण्ड में ‘उत्तराखण्डी गीत संगीत का भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का  आनन्द दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित व केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्री हरीश रावत सहित अनैक विधायक पार्षद सहित बड़ी संख्या में उपस्थित उत्तराखण्डी समाज ने लिया। उत्तराखण्ड जनविकास समिति (पंजी.)’ द्वारा 6 जनवरी को जब दिल्ली का तापमान सबसे कम यानी 1.9 डिग्री था उसी दिन खिलखिलाती धूप में दादादेव मेला ग्राउण्ड में प्रसिद्ध उत्तराखण्डी कलाकार शिवदत्त पंत एंव पार्टी ने अपने मधुर उत्तराखण्डी गीतों से सबका मनमोह लिया। समिति के अध्यक्ष चन्द्र शेखर जीना, संरक्षक दिलवरसिंह नेगी व महासचिव  अमरसिंह भण्डारी के नेतृत्व में समिति के तमाम पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित व केन्द्रीय जलसंसाधन मंत्री हरीश रावत सहित तमाम अतिथियों का माल्यापर्ण करके भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर जहां पालम क्षेत्र के प्रतिभावान तीन छात्र-छात्राओं को समिति की तरफ से केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने सम्मानित किया । इसके साथ समिति ने उत्तराखण्ड राज्य गठन जनांदोलन में पालम क्षेत्र के प्रखर आनन्दोलनकारियों को भी सम्मानित किया। सम्मानित किये जाने वाले आन्दोलनकारियों में श्रीमती रामी भारद्वाज, श्रीमती रीखी रावत व श्याम प्रसाद खंतवाल को विशेष रूप से शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत द्वारा इस समारोह में उपस्थित क्षेत्र के विधायक सतप्रकाश राणा, पूर्व विधायक विजय सिंह लोचव, ब्रिजवासन क्षेत्र के विधायक बलराम तंवर, विधायक शोमीश सोकीन, किशन कुमार, पूर्व पार्षद भूपेन्द्र गुप्ता,, रचना सौलंकी, दीवानसिंह नयाल, हरपाल रावत , देवसिंह रावत व कलाकार शिवदत्त पंत को समिति का सम्मान प्रतीक चिन्ह दिया।
समारोह का शुभारंभ समाजसेवी उद्यमी कुलदीप मेहरा ने दीप प्रज्जवलित करके व पावन वेद मंत्रों के गूंजायमान से किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली में बिहारी, दक्षिण भारतीय सहित अन्य समाजों से उत्तराखण्डियों को सबसे पुराने दिल्ली में आने वाले संस्कारित समाज बताते हुए कहा कि दिल्ली में 20 -25 लाख के करीब बड़ी संख्या में रहने वाले उत्तराखण्डी समाज का दिल्ली के विकास में जहां योगदान है वहीं वे दिल्ली की बुनियाद भी है। उत्तराखण्डी संस्कृति को बेहद मधुर बताते हुए मुख्यमंत्री ने दिल्ली में उत्तराखण्ड की तमाम सामाजिक संस्थाओं से आवाहन किया कि वे संयुक्त रूप से उनकी सरकार के समक्ष भव्य 2 या 3 दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम को प्रस्ताव लायें, उसके आयोजन में उनकी सरकार पूरी सहायता करेगी। उनकी सरकार चाहती है कि दिल्ली के अन्य समाज भी उत्तराखण्ड की दिव्य संस्कृति के रूबरू हो। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि उनकी सरकार दिल्ली में बसे अन्य प्रदेशों के समाज के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करा कर दिल्ली के बाकी समाज से उनकी संस्कृति से अवगत कराते है। इसी दिशा में उत्तराखण्डी संस्कृति से वह दिल्ली के अन्य समाज से भी रूबरू कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में अपने विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं अपितु दिल्ली के विभिन्न भागों में उत्तराखण्डी समाज के कार्यक्रमों में प्रमुखता से भाग लेती है। पालम क्षेत्र में उत्तराखण्डी समाज के बीच यह उनका पहला कार्यक्रम है।  सांस्कृतिक कार्यक्रम में जहां नन्दादेवी की आराधना सहित अनेक लोकप्रिय गीतों पर मनमोहक नृत्यों से उपस्थित जनसमुदाय का मनमोह लिया। समारोह का संचालन जहां समिति के गिरीश बलूनी ने किया व सांस्कृतिक समारोह का संचालन शिवदत्त पंत ने किया। इसमे शिवदत्त पंत के अलावा माया उपाध्याय, मीना राणा, पदम गुसांई, नौटियाल, गौरव गढ़वाली, प्रकाश काला ललित मोहन, धौलाखण्डी, रेशमा, अरविन्द नेगी, भावना बड़थ्वाल, जयपाल नेगी, दीपा चैहान व दीपा पंत आदि प्रमुख कलाकारों ने अपने गीत नृत्य व संगीत से समारोह को चार चांद लगाया।
इस अवसर पर दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीवान सिंह नयाल द्वारा समारोह में उत्तरायणी के मेले का आयोजन करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि अगर यह उचित होगा तो वह अवश्य करायेगी।
इस अवसर मुख्य अतिथि केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत ने इस बात पर गर्व किया कि उत्तराखण्डी समाज दिल्ली के विकास के साथ साथ देश के विकास के हर क्षेत्र में प्रमुखता से अपना योगदान दे रहे है। उन्होंने दिल्ली व हरियाणा को पानी की पर्याप्त पूर्ति करने में सक्षम उत्तराखण्ड के विकास में दिल्ली व हरियाणा के लोगों को अपना योगदान देने का आवाहन भी किया।
इस अवसर पर उपस्थित अग्रणी समाजसेवियों में रवीन्द्रसिंह नेगी, मनोज गुप्ता,  कला जीना, सुरेन्द्र भारद्वाज , गणेश देवरानी,  योगेश कश्यप ,बीरेन्द्र नेगी, सुनील पोखरियाल, चन्द्रशेखर जोशी, राज्य आंदोलनकारी रवीन्द्र बिष्ट, सदानन्द नौनी, पोखरियाल, पंवार, बृजमोहन सेमवाल, म्यर उत्तराखण्ड के अध्यक्ष सुदर्शन रावत, मुण्डेपी, व जयपाल नेगी सहित अनैक समाजसेवी उपस्थित थें। समारोह को सफल बनाने में सलाहकार विजय सिंह बिष्ट, नारायण सिंह सौंटियाल, उपाध्यक्ष रामचन्द्र नौगांई, श्रीमती मीनू भण्डारी, देवेन्द्रसिंह नयाल, सांस्कृतिक सचिव -दिनेश सिंह नेगी, संगठन सचिव-गोपाल दत्त शर्मा व संजय उनियाल, कोषाध्यक्ष अमर सिंह नेगी, सहकोषाध्यक्ष पवन थपलियाल, सचिव धर्मेन्द्र गुसांई, कृपाल सिंह बिष्ट, श्रीमती दर्शनी नौगांई, महिला सचिव कमला भण्डारी,  लेखा परीक्षण -लक्ष्मण सिंह जीना, प्रचार सचिव नितिन बिष्ट तथा कार्यकारणी के सदस्यों में रघुवीरसिंह रावत, सुरेश ढ़ौडियाल, उमानन्द ध्यानी, देवसिंह रावत, विजय सिंह नेगी, दिवान सिंह भण्डारी, देवसिंह असवाल, अनूपसिंह बिष्ट, ठाकुर सिंह सोंटियाल, शैलेन्द्र असवाल, रविन्द्रसिंह रावत, राजेन्द्र सिंह तडाकी, भौपाल सिंह किरौला, अरूण रावत, रतनसिंह बिष्ट, विनोद शाह, जयंती धस्माना, अल्पना नेगी, लज्जा देवी सकलानी, मनमोहनसिंह गुसांई, हरीश रावत, अनिल पुरी व अनिल बिष्ट आदि समाजसेवियों की प्रमुख भूमिका रही।
इस अवसर पर कंपकंपाती ठण्ड पर सीधे टिप्पणी न करते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने जहां आयोजकों से निवेदन किया कि वे भविष्य में इस ठण्डे मोसम में इस प्रकार का आयोजन न करें तो बेहतर होगा। वहीं केन्द्रीय मंत्री ने भारी ठण्ड पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर दो तीन दिन ऐसा ही रहा तो दिल्ली भी उत्तराखण्ड की तरह वर्फ का आनन्द ले सकेगी।

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