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Thursday, July 5, 2012


-कातिल डाक्टरों व कत्लगाह बने नरसिंग होमों पर दिल्ली सरकार द्वारा कार्यवाही न करने से लोगों में फेला आक्रोश 

-लोकगायक हीरासिंह राणा की बेटी का दिल्ली में आप्रेशन के नाम पर जीवन से खिलवाड करने वाले डाक्टर को मिले उम्रकेद की सजा 
‘जब दिल्ली सरकार के सचिवालय से 3 किमी दूरी पर व दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के सांसद बेटे संदीप दीक्षित के संसदीय क्षेत्र पूर्वी दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर में भगवान का स्वरूप समझा जाने वाला डाक्टर अपने नर्सिगहोम में मात्र पैसे के खातिर अग्रणी लोकगायक हीरासिंह राणा की 17 वर्षीय बेटी इन्दु राणा का पेट के दर्द का बिना जांच व एक्सरे किये हुए आप्रेशन करके उसके जीवन से खिलवाड़ करता हो तो देश के दूर दराज के क्षेत्र के आम जनता के स्वास्थ के साथ कैसा खिलवाड़ किया जा रहा होगा, इसकी सहज ही कल्पना करके मेरी रूह कांपने लगती है। इस चिकित्सकी पेशे को कंलंकित करने वाले चिकित्सक व उसके नसिंर्गहोम के खिलाफ पीड़ित पक्ष द्वारा कई दिन पहले शिकायत पुलिस प्रशासन से कर दी जाने के बाबजूद, न तो पुलिस प्रशासन ने इस आम आदमी के जीवन से खिलवाड़ करने वाले डाक्टर को अभी तक गिरफतार किया व नहीं इंडियन मेडिकल कोउंसिल ने अभी तक ऐसे डाक्टर व उसके नसिंग होम को डाक्टरी पेशे से बाहर किया। न तो सांसद संदीप दीक्षित व नहीं उनकी मुख्यमंत्री माॅ शीला दीक्षित को पीड़ित को देखने की फुर्सत मिली व नहीं सुध रही। जबकि इस गुनाहगार को सजा देने में नपुंसक बनी दिल्ली सरकार व दिल्ली पुलिस के खिलाफ न केवल दिल्ली में रहने वाले 30 लाख उत्तराखण्डियों अपितु देश विदेश में रहने वाले लाखों उत्तराखण्डियों में भी निरंतर रौष फैल रहा है। अगर पुलिस व दिल्ली सरकार हाथ पर हाथ रखे रही तो दिल्ली में भी समाज बड़े स्तर पर प्रदर्शन करके आंदोलन करने का मन बना चूका है।
मुझे इस आशय की खबर फेस बुक पर अपने समाजसेवी मित्र अनिल पंत द्वारा मिली। आज मैं वहां पर अपने समाजसेवी,उद्यमी मित्र व भाजपा नेता बचनराम टम्टा के साथ दिल्ली के लोकनारायण जय प्रकाश नारायण अस्पताल में सांय पोनें पांच बजे पंहुचा। लोकनारायण अस्पताल के आपातकालीन विभाग के चैथी मंजिल में गहन चिकित्साकक्ष में पिछली छह दिन से है। वहां पर हमें उत्तराखण्ड गौरव से सम्मानित अग्रणी लोकगायक हीरासिंह राणा सहित बड़ी संख्या में उनके गीतों के चाहने वाले उत्तराखण्डियों का तांता ही लगा हुआ था। लोग विगत कई दिनों से निरंतर वहां पर पंहुच रहे थे। आज मेरे सम्मुख अग्रणी साहित्यकार हरिसुमन बिष्ट व लखचोरा भी वहां पर पंहुचे थे। मुझे म्यर उत्तराखण्ड के मोहन बिष्ट, सांसद भगतसिंह कोश्यारी के सहायक जगदीश भाकुनी व भाजपा नेता पूरणचंद नैनवाल ने इस बारे में अवगत कराया। वहां पर हीरासिंह राणा जी ने बताया कि कैसे चिकित्सक ने उनकी पत्नी व बेटी को गुमराह करके अपने नसिंग होम में बिना एक्सरे आदि कराये हुए व अपने अनुभव की दुहाई देते हुए बेटी का आप्रेशन किया। उस समय हीरासिंह राणा उत्तराखण्ड में थे। इस घटना के बाद जब स्थिति बिगड गयी तो निजी नर्सिंग होम के इस चिकित्सक ने हाथ खडे करके उनको एलएनजेपी की तरफ रूख करने के लिए विवश किया। श्री राणा ने अफसोस प्रकट किया कि अब तक उस गुनाहगार चिकित्सक के साथ कोई कार्यवाही तक पुलिस प्रशासन ने नहीं किया।

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