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Saturday, July 7, 2012


ज्ञान विज्ञान से प्रभु को जाना नहीं जा सकता

जन्म-मृत्य है परमेश्वर की परम कृपा के रूप
सकल सृष्टि को जानो प्रभु का दिव्य श्री स्वरूप
सकल ब्रह्माण्ड में रमे है कण-कण में भगवान
यही दिव्य रहस्य बता रहे हैं युगों से वेद पुराण
अब विज्ञान ने भी माना जड़ चेतन में हैं भगवान
परम तत्व को जानने की प्रथम कक्षा में विज्ञान
प्रभु को जानने व पाने में पंगु हैं ये ज्ञान विज्ञान
प्रभु मिलते हैं केवल अपनी ही कृपा से यह जान
जिनके के आगे सहस्र सूर्य,चन्द्र तारे भरे पानी
उस प्रभु को पाने के लिए निर्मल मन चाहिए
अनन्त कोटी ब्रह्माण्ड का परम स्वरूप श्रीकृष्ण
लय प्रलय इस सृष्टि का परम स्वरूप श्रीकृष्ण।
-देवसिंह रावत
(7 जुलाई 2012 रात के पोने दस बजे)

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