ममता बनर्जी का विरोध  छवि बनाने का हथकण्डा या जनहित समर्पित नेत्री
ममता बनर्जी द्वारा अपने की दल के रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा प्रस्तुत रेल बजट 2012 में की गयी रेल यात्री किराये में बृद्धि का प्रखर विरोध कर मनमोहनी सरकार को कटघरे में खड़ा करने के साथ-साथ जनता के बीच अपनी जनकल्याणकारी नेत्री की छवि बनाने में कामयाब हुई। परन्तु इस प्रकरण में दो बाते बहुत ही रहस्यमय लग रही है। इसका पहला कारण यह है कि यह रेल बजट खुद ममता बनर्जी की पार्टी तुणमूल कांग्रेस के कोटे से मंत्री बने दिनेश त्रिवेदी द्वारा  रेल बजट 2012 को प्रस्तुत किया गया। यह बात भी गले नहीं उतर रही है कि जिस ममता बनर्जी के तैवरों से आम आदमी आशंकित रहता है, उसी ममता बनर्जी की पार्टी का संासद सं मंत्री बना दिनेश त्रिवेदी ममता के व्यवहार से किस प्रकार अनविज्ञ रह सकता है। जबकि ममता बनर्जी खुद कई बार इस बात का ऐलान कर चूकी थी कि रेल किराया की बढ़ोतरी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं की जायेगी। इस प्रवृति का जानकार मंत्री त्रिवेदी क्यों बंगाल की शेरनी को क्यों नाराज करेगे। आज इस बात का सुखद आश्चर्य है कि जनविरोधी राजनीति में ममता बनर्जी जैसी जनहितों के लिए राजनीति करने वाली नेत्री हमारे बीच में है। ममता बनर्जी ने चाहे किसी भी उदेश्य से इस जनहितों को मंहगाई से रौंदने वाली राजनीति में जीवंत है। काश ममता बनर्जी जेसे दबंग महिला हर प्रदेश में होता तो देश की तस्वीर ही बदल जाती।

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