जग रोशन कर दो

शुभ हर पल हो जीवन में सबके,
ऐसा मंगल मय हो जग सारा,
राग द्वेष धृणा शोषण से हो मुक्त
बहे हर पल निर्मल प्रेम की धारा।।
प्रभु ऐसा तन-मन जग कर दो,
जीवन रहे समर्पित सतपथ पर।
दुख सुख सबके हो सांझा यहां
ऐसे सूर्य से जग रोशन कर दो।।

देवसिंह रावत
(8 मई 2012 प्रातः 8 बजे)

Comments

Popular posts from this blog

गुरू पूर्णिमा को शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज का भव्य वंदन

-देशद्रोह से कम नहीं है शिक्षा का निजीकरण