जीवन है हरि मधु का प्याला

संयोग वियोग का खेल निराला, जिसने बनाया जीवन मधु का प्याला,
वो है हरि हर भगवान हमारे, हम हे उनकी सृष्टि के झिलमिल तारे।ं।
जन्म मृत्यु का सफर निराला, रोते है जो  इसका मर्म न जाने।
प्रभु की अदभूत माया है जीवन, आओ हंस कर जीयें ये जीवन ।।

देवसिंह रावत
(28 अप्रैल 2012 प्रातः 7 बज कर 44 मिनट)

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