Pages

Friday, April 6, 2012

यादों से गुजारा कर लेंगे


यादों से गुजारा कर लेंगे

प्यार का नाम ही दे तो हम सह लेते
लोग गली में न जाने क्या क्या कहते
हम नजरे भी नहीं मिला पाते हैं खुद से
ऐसे ही लोगों ने हमें बदनाम कर दिया।।

चांद को देख कर भी हम आहें भर लेंगे
पर अपने प्यार को कभी बदनाम न करेंगे।
तुम पास रहो या दूर, नहीं है शिकवा कोई
हम तो तुम्हारी यादों से गुजारा कर लेंगे।।

तुम खिलो सदा चैदवीं की चांद जैसी
यही दुआ हर वक्त निकले दिल से मेरी
हम तो अंधेरों में ही अपना दिल बसा लेंगे
तुम्हारेे लिए हम कुर्वान जिन्दगी कर देंगे।।

-देवसिंह रावत
 (6 अप्रैल 2012 शुक्रवार रात के 11बज कर 3 मिनट)

No comments:

Post a Comment