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Tuesday, April 24, 2012



आओ  इस चमन को गुलजार करें

मिल कर बिछुड जाते हैं जो चंद दिनों में,
ऐसे दोस्तों को भी हम सदा याद करते हैं
तुम याद करो न करो इस राही को कभी,
हम तो खुदा की तरह तुम्हें भूल नहीं पाते।।
जिन्दगी नजर चुराने के लिए नहीं है साथी,
आओ  हंसी से इस चमन को गुलजार करें।
फिर ये पल इस जीवन में कभी रहे न रहे
आओ हर पल को जिंदादिली से जीयें साथी
फिर ये जीवन के हसीन पल रहे या न रहे।
हर किसी के खुशी में मुस्कराये हम साथी।।

-देवसिंह रावत

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