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Monday, April 2, 2012

निशंक पर कसेगा बहुगुणा सरकार का शिकंजा!


निशंक पर कसेगा बहुगुणा सरकार का शिकंजा!
देहरादून(प्याउ) प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के भाजपा आला नेतृत्व पर भारी प्रभाव को देखते हुए अब यह संभावना कम रह गयी है कि निश्ंाक को भाजपा नेतृत्व भाजपा से बाहर का रास्ता दिखायेगा। परन्तु अब इस बात की आशंका जताई जा रही है कि कांग्रेस की प्रदेश सरकार अविलम्ब भ्रष्टाचार के मामलों में निशंक पर शिकंजा कसेगी। इसी की आशंका से भयभीत हो कर निशंक ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। माना जा रहा है भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद खंडूडी की हार से भाजपा का एक बडा वर्ग बहुत ही परेशान है। वे इस हार के लिए निशंक को जिम्मेदार मान रहे है। इसकी सीधी शिकायत भाजपा आला नेतृत्व से भी की जा चूकी है । परन्तु भाजपा आला नेतृत्व एक प्रकार से निशंक के मोहपाश में बंधा हुआ है। वह किसी प्रकार से निशंक को भाजपा से बाहर करने के लिए तैयार नहीं है। यही देखते हुए प्रदेश की राजनीति के समीक्षकों को आशंका है कि अब प्रदेश सरकार की गद्दी पर आसीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा सरकार की गाज सबसे पहले अगर किसी पर गिरेगी तो वह निशंक ही है। लोगों के इस आशंका का कारण कांग्रेसी मुख्यमंत्री का भाजपा नेता खंडूडी का ममेरा भाई होने के साथ उनके बीच अच्छा तालमेल का होना माना जा रहा है। हालांकि प्रदेश कांग्रेस में भी इस प्रकार की मांग उठ रही है कि भाजपा शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच की जाय। कांग्रेस के दिग्गज नेता हरक सिंह रावत के नेतृत्व में विधायकों का शिष्टमण्डल मुख्यमंत्री से इस आशय से मिल भी चूका है। इसको भी इसी दिशा में बढ़ते हुए कदम माना जा रहा है। जिस प्रकार से भाजपा शासनकाल में स्टर्जिया भूमि घोटाला, जल विद्युत परियोजनायें, कुम्भ घोटाला सहित कई प्रकरणों का निशाना स्वयं तत्कालीन मुख्यमंत्री निशंक बने हे, उससे इस आशंका को बल मिलता है कि बहुगुणा सरकार में सबसे पहले अगर किसी पर गाज गिरेगी तो वह पूर्व मुख्यमंत्री निशंक है। बताया जाता है बहुगुणा के पदासीन होने से निशंक पहले ही असहज महसूस कर रहे है। लोग इस बात पर भी नजर रख रहे हैं कि किस प्रकार निशंक अपने विरोधियों को मात देते हैं या विरोधियों द्वारा बनाये गये चक्रव्यूह में खुद फंसते हे।

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